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Ambala News: श्री सूरज कुंड साहिब में गुरमत समागम, संगत ने टेका माथा

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प्रधान बलिंद्र सिंह।
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गुरुद्वारा श्री सूरज कुंड साहिब में आयोजित गुरमति समागम, संगत ने टेका माथा
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संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। साहिब-ए-कमाल दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह के पावन प्रकाश पर्व और माघ की अमावस्या को समर्पित गुरमत समागम का आयोजन रविवार को छावनी के ऐतिहासिक सरसेहड़ी गांव स्थित गुरुद्वारा श्री सूरज कुंड साहिब में किया गया। समागम में क्षेत्र की संगत के अलावा नजदीकी शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से संगत पहुंची। संगत ने गुरुचरणों में बैठकर नाम सिमरण किया और गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया।
गुरुद्वारा प्रबंधक बलिंद्र सिंह ने बताया कि यह गुरुद्वारा साहिब लगभग 100 वर्षों से अधिक पुराना है। उनके बुजुर्गों के समय यहां एक छोटा गुरु घर व तालाब होता था, लेकिन अब संगत के सहयोग से यहां एक बड़ा गुरुद्वारा साहिब व सरोवर बनाया गया है। यहां दो आम के पेड़ लगे हुए हैं जोकि काफी पुराने हैं, वहीं पवित्र सरोवर में पांच रविवार स्नान करने से शरीर पर जो भी चर्म रोग होते हैं वो दूर हो जाते हैं।
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16 से आरंभ हुए थे श्री अखंड पाठ साहिब
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने बताया कि समागम की शुरुआत 16 जनवरी को श्री अखंड पाठ साहिब के साथ हुई थी जोकि रविवार सुबह 9:30 बजे श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए। इसके पश्चात विशेष धार्मिक दीवान सजाए गए। इसमें पंथ प्रसिद्ध रागी और ढाडी जत्थों ने संगत को गुरु-इतिहास और गुरबाणी कीर्तन से निहाल किया। समागम में विशेष रूप से भाई सुखचैन सिंह (तांती साज जत्था) ने सुबह 11 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक और भाई मलकीत सिंह (बीए) ढाडी जत्थे ने दोपहर 12:15 बजे से 1:30 बजे तक संगत को गुरबाणी सुनाकर निहाल किया। समागम की समाप्ति के उपरांत गुरु का अटूट लंगर वितरित किया गया जोकि संगत ने पंगत में बैठकर ग्रहण किया।

प्रधान बलिंद्र सिंह।

प्रधान बलिंद्र सिंह।

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