अंबाला। नकली नोट प्रकरण के मामले में जीआरपी रेलवे कोर्ट में याचिका दायर करेगी ताकि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी हो सके। इस कार्रवाई में जीआरपी की विशेष टीम जुट गई है, वहीं आरोपी रेल कर्मचारी पर शिकंजा कसने के लिए जीआरपी की टीम बिहार के लिए भी रवाना हो गई है और जल्द ही शिकायतकर्ताओं से मिलकर तथ्य जुटाएगी जोकि आगामी कार्रवाई के लिए कोर्ट में भी पेश किए जाएंगे।
नहीं हुआ जांच में शामिल
नकली नोट प्रकरण के बाद जीआरपी ने उप स्टेशन अधीक्षक वाणिज्य की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। इसके बाद आरोपी कर्मचारी को जांच में शामिल होने के लिए दो नोटिस भी जारी किए गए, बावजूद इसके आरोपी कर्मचारी ने एक बार भी जीआरपी थाने में जाकर अपना पक्ष नहीं रखा कि वह दोषी है या बेकसूर, ऐसे में अब शक की सुई आरोपी कर्मचारी पर टिक गई है और जीआरपी भी इस मामले में अब ढिलाई बरतने के मूड में नही है जबकि एसपी रेलवे भी इस मामले पर नजर बनाए हुई हैं।
यह था मामला
यह मामला एक दिसंबर सोमवार रात लगभग 9 से 10 बजे के बीच घटित हुआ था, जब कैंट रेलवे स्टेशन के यूटीएस काउंटर पर कुछ श्रमिक जनरल टिकट लेने के लिए और उन्होंने 500 रुपये के असली नोट काउंटर पर बैठे बुकिंग सुपरवाइजर को दिए तो उसने यह नोट नकली कहकर वापिस श्रमिकों को लौटा दिए। यह वाक्या एक नहीं बल्कि चार व्यक्तियों के साथ हुआ तो सभी ने उप स्टेशन अधीक्षक वाणिज्य को इसकी लिखित शिकायत दी। विभागीय अधिकारी तुरंत यूटीएस काउंटर पर पहुंचे और संबंधित कर्मचारी से पूछताछ की तो वह कोई उचित जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद मामले की जानकारी मंडल रेल प्रबंधक सहित वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक तक पहुंची और संबंधित कर्मचारी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरु कर दी गई है। टीम जल्द ही शिकायतकर्ताओं के बयान लेकर लौट आएगी। इसके बाद आरोपी से मामले से जुड़ी जानकारी हासिल की जाएगी। आरोपी को जांच में शामिल होने के लिए दो नोटिस भी दे दिए गए हैं।
- हरीश कुमार, प्रभारी जीआरपी, अंबाला।