अंबाला। गांजा तस्करी और बच्चे को अपहरण करने वाले आरोपी के सहयोगियों को रिमांड मिलने के बाद भी जीआरपी काबू नहीं कर पाई। सहयोगियों को जैसे ही सूचना मिली तो उन्होंने अपने ठिकाने बदल दिए। रविवार को विशेष कोर्ट में जब जीआरपी ने रिमांड आगे बढ़ाने के लिए अपना पक्ष कोर्ट में रखा तो दोनों मामलों में पकड़े गए दोषियों को कोर्ट ने जेल भेजने के आदेश दे दिए। इसके बाद जीआरपी ने दोषियों को सेंट्रल जेल में छोड़ दिया।
नहीं मिली कामयाबी
गांजा तस्कर के सहयोगियों की धरपकड़ के लिए कोर्ट ने जीआरपी को सात दिन का समय दिया था। जीआरपी ने तस्कर द्वारा बताए गए ठिकानों पर बिहार और पंजाब में दबिश दी, लेकिन तस्कर के सहयोगी पकड़ में नहीं आए। इसी प्रकार राजस्थान से बच्चे का अपहरण करने वाले के सहयोगी लड़का व लड़की की धरपकड़ के लिए भी जीआरपी ने पंजाब के अमृतसर सहित अन्य ठिकानों पर भी दबिश दी, लेकिन इस मामले में भी जीआरपी को कामयाबी नहीं मिल पाई।
यह थे मामले
बिहार से गांजा लेकर अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर उतरे एक तस्कर को आरपीएफ व जीआरपी की संयुक्त टीम ने 13 सितंबर को गिरफ्तार किया था। आरोपी की पहचान खगरिया बिहार निवासी दिवाकर के रूप में हुई थी। आरोपी से छह किलो 170 ग्राम गांजा बरामद किया गया। आरोपी से पूछताछ के बाद जीआरपी ने सप्लायर बिट्टू को मोहाली से गिरफ्तार किया था। इसी प्रकार बच्चे के अपहरण के मामले में जीआरपी ने दिल्ली निवासी आशु को गिरफ्तार किया था। प्राथमिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि इस अपहरण में उसके कुछ साथी भी शामिल थे जोकि अमृतसर में मिलने वाले थे, लेकिन वो गायब हो गए।
गांजा तस्करी के आरोप में पकड़े गए बिट्टू को जेल भेज दिया है। इसी प्रकार बच्चे का अपहरण करने वाले आशु को भी कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया है।
- हरीश कुमार, प्रभारी जीआरपी अंबाला।