अंबाला। छावनी की नेत्री चित्रा सरवारा ने टांगरी नदी के उफान पर कहा कि सरकार और प्रशासन की लापरवाही ने लोगों को मौत के मुंह में धकेलने में कोई कमी नहीं छोड़ी। चंदपुरा,रामगढ़ माजरा और रामपुर सरसेहड़ी के पास 30 लाख रुपये की लागत से एक कच्चा बांध तैयार किया गया था, लेकिन पानी का दबाव बढ़ते ही वह ध्वस्त हो गया। करोड़ों के दावे करने वाली सरकार का यह सपना उसी क्षण धराशायी हो गया।