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Ambala News: सरकार की वैट और सीएसटी के बकायादारों को दूसरा मौका देने की तैयारी

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अंबाला। प्रदेश में व्यापारियों को वैट और सीएसटी के बकाया भुगतान के लिए सरकार एक और मौका देने जा रही है। गुड्स एंड सर्विस टैक्स विभाग (जीएसटी) जल्द ही एक और वन टाइम सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) लाएगा। इस स्कीम के तहत पिछली बार के मौके से चूकी फर्मों को इस बार वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) और सेंट्रल सेल टैक्स (सीएसटी) के लंबित मामलों को निपटाने का अवसर मिलेगा। पहली ओटीएस स्कीम के सफल रहने के बावजूद प्रदेशभर में सैकड़ों करोड़ रुपये के मामले अभी तक बकाया हैं।
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अकेले अंबाला की बात करें तो यहां पर 9678 डीलर्स पर कुल 400 करोड़ रुपये का एरियर बकाया है। ऐसे में इन डीलर्स के पास यह एक मौका है जब वह अपने लंबित मामलों क निपटान कर सकते हैं। अभी इस योजना काे लेकर एक ड्राफ्ट अधिसूचना जारी कर दी गई है। जल्द अधिसूचना जारी होने पर यह स्कीम कब से लागू होगी इसकी जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।



डीलर्स को यह मिलेगी योजना में सुविधा



अधिसूचना के ड्राफ्ट के अनुसार तीन श्रेणियों में देनदारी को विभाजित किया गया है। इसमें शून्य से एक लाख रुपये तक का देय होने पर शत प्रतिशत राशि पर छूट दी जाएगी। इसके बाद सभी श्रेणियों में कर पर ब्याज और जुर्माने पर छूट रहेगी। अधिसूचना पर गौर करें तो पहली श्रेणी में एक लाख से 10 लाख रुपये तक के बकाया पर डीलर्स को आवेदन करने पर एक लाख रुपये की छूट मिलेगी। इसके बाद भी अगर डिमांड बच जाती है तो उसका 40 प्रतिशत जमा कराना होगा। इसी प्रकार 10 लाख से 10 करोड़ रुपये तक बकाया होने पर ब्याज और जुर्माना की माफी दी जाएगी। जबकि शेष बकाया पर 50 प्रतिशत जमा कराना होगा। इसी प्रकार 10 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया होने पर ब्याज और जुर्माना छोड़कर शेष राशि को शत प्रतिशत भरना होगा।
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भुगतान के लिए भी रास्ता सरल किया



पहले वन टाइम सेटलमेंट स्कीम काफी उलझी हुई थी। इस कारण से बहुत से डीलर्स को इसको लेकर परेशानी हुई। मगर अब इस योजना को आसान बनाया गया है। इसमें भुगतान भी आसान होगा। ड्राफ्ट अधिसूचना के अनुसार 10 लाख रुपये तक की श्रेणी में आने वाले बकायेदारों को ओटीएस 1 फार्म के साथ केस का पूरा समाधान करना होगा। वहीं 10 लाख से अधिक के बकायेदारों को ओटीएस फार्म 1 के साथ 50 प्रतिशत राशि देनी होगी। इसके बाद ओटीएस 1 ए फार्म के बाद शेष राशि का भुगतान करना होगा। ऐसे में इससे बकायेदारों पर अधिक बोझ भी नहीं आएगा।



जीएसटी आने के कई साल बाद तक समस्या



जीएसटी को आए हुए छह से सात साल का समय हो गया है। इसके बावजूद जीएसटी विभाग के सामने पुराने समय के वैट और सीएसटी जैसे टैक्स के मामले लंबित पड़े हैं। ऐसे में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी दोनों ही मामलों में फंसे रहते हैं। इन मामलों के निपटने से विभाग जीएसटी के मामलों पर बेहतर ढंग से कार्य कर सकेगा।



वर्जन



ओटीएस को लेकर ड्राफ्ट अधिसूचना जारी कर दी गई है। जल्द यह स्कीम लागू कर दी जाएगी। जिसका प्रयोग कर डीलर्स अपने पुराने बकाया का समाधान ले सकते हैं। इस योजना को काफी आसान बनाया गया है।
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-अजय सिहाग, उप आयुक्त, आबकारी एवं कराधान विभाग।
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