बराड़ा की अनाजमंडी में धान खरीद का जायजा लेते विधायक वरूण चौधरी। प्रवक्ता
सांसद ने अनाज मंडी का दौरा कर किसानों और आढ़तियों की सुनीं समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। सांसद वरुण चौधरी ने शनिवार को अनाज मंडी का दौरा कर किसानों और आढ़तियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धान की निर्बाध खरीद के लंबे-चौड़े दावे कर रही है, लेकिन धरातल पर किसान और आढ़ती अपनी उपज बेचने के लिए सरकारी तंत्र के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
सांसद ने कहा कि 2024 के विधानसभा चुनाव से पूर्व सरकार ने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने की घोषणा की थी, लेकिन आज किसान काफी कम कीमत पर फसल बेचने को विवश हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि 29 सितंबर से सरकारी खरीद शुरू होने के बावजूद मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर काफी संख्या में किसानों का फसल व रकबा सत्यापन लंबित क्यों रखा गया।
वरुण चौधरी ने जिलावार तय की गई प्रति एकड़ धान खरीद की नई सीमा (अंबाला में 26.26 क्विंटल, यमुनानगर में 27.73 क्विंटल और कुरुक्षेत्र में 29.26 क्विंटल) पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जब पूर्व में 30 क्विंटल और 10 प्रतिशत अतिरिक्त उपज की छूट थी, तो इस बार सीमा घटाने का क्या आधार है।
उन्होंने राइस मिलरों के साथ सरकार के एग्रीमेंट न होने पर भी चिंता जताई और कहा कि एग्रीमेंट में देरी से मंडियों में धान का उठान प्रभावित होगा। इससे किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल सकेगा। सांसद ने सरकार से पोर्टल सत्यापन में तेजी लाने, खरीद सीमा की विसंगति दूर करने तथा मंडियों से त्वरित उठान व पारदर्शी भुगतान प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की।