अंबाला सिटी। शहर के सेक्टर-8 स्थित श्रीकृष्ण कृपा गीता मंदिर में तीसरे दिन श्रीमद्भागवत कथा हुई। वृंदावन से पधारे भागवताचार्य गोविंद मुदगिल शास्त्री ने श्रद्धालुओं को कथा का रसास्वादन कराया। इस दौरान श्रीराम मुदगिल शास्त्री ने कहा कि जब जीव के जन्मांतरों के पुण्य उदय होते हैं, तभी उसे भागवत कथा श्रवण का सौभाग्य मिलता है। कथावाचक ने राजा परीक्षित और शुकदेव मुनि के संवाद का वर्णन करते हुए बताया कि आसन, संगति और इंद्रियों पर नियंत्रण से मन को वश में किया जा सकता है।
उन्होंने भोजन और भजन की रोचक व्याख्या करते हुए कहा कि भोजन हमेशा संतुलित और सीमित मात्रा में करना चाहिए, जबकि बिना मात्रा वाले भजन को निरंतर करते रहना चाहिए। संतुलित आहार शरीर को स्वस्थ रखता है और निरंतर भजन से आत्मिक शांति मिलती है। विदुरानी और ध्रुव चरित्र के प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान अहंकार से नहीं, बल्कि सच्चे प्रेम और भाव के भूखे हैं। ध्रुव की भक्ति का उदाहरण देते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं को गुरु की आज्ञा का पूर्ण निष्ठा से पालन करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रारब्ध, वर्तमान पुरुषार्थ और गुरु कृपा मिलकर मनुष्य की उन्नति के द्वार खोलते हैं। कथा से पूर्व मनोज कंसल व अरुण गोयल परिवार ने श्रीमद्भागवत महापुराण का पूजन किया। पंडित अभिषेक, विनोद बंसल, अशोक चावला, रविन्द्र चोपड़ा, साहिल सिंगला सहित अन्य श्रद्धालुओं ने महाआरती में भाग लिया।
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शहर के सेक्टर-आठ स्थित श्रीकृष्ण कृपा गीता मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान आरती करते- फोटो : 1