अंबाला। देशभर में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के प्रबंधन और पारदर्शिता के लिए जीआईएस मैपिंग का कार्य अटका है। केंद्र सरकार ने अप्रैल में देश में वक्फ संपत्तियों की भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) मैपिंग कराने का निर्णय लिया था। इस परियोजना में देश में सर्वप्रथम हरियाणा के पानीपत को पायलट के तौर पर चुना गया था।
मगर अब यह परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई थी। इस परियोजना को मई माह में शुरू होना था, मगर भारत सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय में अधिकारी बदल गए। इसके बाद से यह प्रक्रिया कागजों में ही रह गई।
अब हरियाणा वक्फ बोर्ड के पास भी आगे की कोई जानकारी नहीं है। वक्फ बोर्ड हरियाणा के ईओ अयाज महमूद ने बताया कि अभी मैपिंग के काम में देरी होगी। अभी पत्राचार का ही दौर चल रहा है, हमें भी इंतजार है कि भारत सरकार जल्द मैपिंग कराए।
ड्रोन मैपिंग के बाद अब जीआईएस से सुलझेंगे विवाद : हरियाणा में वक्फ ने पहले ही अपनी संपत्तियों की ड्रोन से मैपिंग कराई है। हालांकि ड्रोन मैपिंग के बाद भी एक बड़ी चुनौती यह सामने आ रही है कि कई संपत्तियां निजी लोगों की मलकियत (कब्जे) में दिखाई दे रही हैं।
ऐसे पेचीदा मामलों को सुलझाने के लिए अब जीआईएस मैपिंग के तहत सीधे मौके पर जाकर जमीनी सर्वे किया जाएगा। यदि जांच में वह जमीन तकनीकी और कानूनी रूप से वक्फ की पाई जाती है, तो वक्फ के नाम पर उसकी प्रॉपर्टी आईडी जनरेट कर दी जाएगी। हरियाणा वक्फ बोर्ड ने प्रदेशभर में अपनी संपत्तियों का 99.9 प्रतिशत सत्यापन पूरा कर उससे जुड़ी सभी जानकारी पोर्टल पर अपलोड कर दी हैं।