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शिविर का नहीं मिला लाभ, प्रॉपर्टी आईडी ठीक करवाने को काटने पड़ रहे निगम के चक्कर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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अंबाला सिटी। पुरानी प्रॉपर्टी आईडी को ठीक करवाना आमजन के लिए चुनौती बना हुआ है। स्वयं पार्षद भी नई प्रॉपर्टी आईडी बनने के बाद से परेशान हैं। प्रतिदिन दर्जनों लोग उनके पास नई प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियां लेकर पहुंच रहे हैं। पार्षदों के पास भी इस संबंध में उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पा रहा है।
पिछले दिनों हर वार्ड में लगाए गए शिविर का लाभ भी आम जन को ज्यादा नहीं मिला है। यहीं कारण अब जब नगर निगम में प्रॉपर्टी आईडी ठीक करने के लिए शिविर लगाया गया है तो पर प्रतिदिन की 50 से अधिक शिकायतें पहुंच रहीं हैं। इसके बाद भी लोगों की समस्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। दूसरी ओर पार्षद भी आम लोगों की शिकायतों को लेकर अधिकारियों के पास जा रहे हैं, परंतु उन्हें भी शिविर में बैठे कर्मियों से मिलने के लिए कहा जा रहा है। आम जनता के साथ पार्षद भी इसी फेर में उलझकर रह गए हैं।
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दोबारा हुए सर्वे ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
एक तो पहले ही लोगों को बड़ी मुश्किल से यह प्रॉपर्टी आईडी वाला सिस्टम समझ आया था। अब दोबारा से करवाए गए सर्वे से आमजन की परेशानी बढ़ा दी है। सरकार करोड़ों रुपये ऐसे सर्वे पर लगा देती है उसके बाद भी कुछ भी सही नहीं है।
- मिथुन वर्मा, पार्षद।
आम लोगों के लिए परेशानी बना यह सिस्टम
आमजन के लिए नई प्रॉपर्टी आईडी का सिस्टम पूरी तरह से परेशानी बन गया है। यहां तक कि हम लोगों लिए भी, क्योंकि प्रतिदिन सैकड़ों लोग प्रॉपर्टी आईडी की समस्या लेकर हमारे पास पहुंच रहे हैं। लोगों की समस्या दूर करना हमारा कर्तव्य है। परंतु एजेंसी का काम होने के कारण अब यह हमारे लिए भी परेशानी बन गई है।
- राजेश मेहता, पार्षद।
पता नहीं किस हिसाब से किया गया है सर्वे
सरकार ने प्रॉपर्टी आईडी का सर्वे करवाया था, चलो कोई नहीं। परंतु कम से कम ठीक तो करवाते। अब सभी के लिए यह प्रॉपर्टी आर्डडी परेशानी बनी हुई है। किसी का नाम गलत है किसी का जमीन का क्षेत्रफल गलत है। समझ नहीं आ रहा है कि आखिर किस हिसाब से सर्वे किया गया है।
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- जसवीर सिंह, पार्षद
पता नहीं कैसे होगा इस समस्या का समाधान
हम तो खुद लोगों के साथ जा-जा कर उनकी प्रॉपर्टी आईडी ठीक करवाने का काम कर रहे हैं। इससे कि लोगों को परेशानी न हो। परंतु समझ नहीं आ रहा है कि आखिर इसका समाधान कैसे होगा। निगम को सर्वे करते समय ही इस ओर ध्यान देना चाहिए था।
फकीर चंद, पार्षद
प्रॉपर्टी आईडी ठीक करवाने का काम एजेंसी को दिया गया है। वही सभी त्रुटियों को दूर कर रही है।
- वीरेंद्र लाठर, आयुक्त, निगम।
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