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करोड़ों के भवन में कूड़ा बने ब्लोअर, ठंड से कांप रहे जच्चा-बच्चा

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अंबाला सिटी: वार्ड में खराब पड़ा ब्लोअर और ठंड में ठिठुरती महिलाएं। - संवाद। - फोटो : Ambala
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इन दिनों रात का तापमान 3 डिग्री तक पहुंच चुका है। दिन में सूर्यदेव निकलने के बाद भी तापमान 15 डिग्री से अधिक नहीं हो पा रहा। दिन तो जैसे-तैसे कट ही जाता हैं लेकिन रात को रजाई भी रास नहीं आ रही। हाड़ तक कंपा देने वाली इस ठंड में नवजात से लेकर प्रसूता ठिठुरने को मजबूर हैं। हालत इतने गंभीर हैं कि करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए नागरिक अस्पताल में व्यवस्थाओं पर प्रशासनिक लापरवाही ने पानी फेर दिया है। यही कारण है कि ठंड से बचाव के जितने भी संसाधन थे सभी लापरवाही की भेंट चढ़कर ठप पड़े हैं। न केवल जच्चा-बच्चा वार्ड बल्कि दूसरी मंजिल पर बने पुरुष वार्ड के हालात भी ऐसे ही हैं। यहां भी मरीज ठिठुरने को मजबूर हैं। दरअसल दो वर्ष पूर्व मरीजों की सुविधा के लिए ब्लोअर लगाए गए थे, ताकि उन्हें ठंड से बचाया जा सके, लेकिन सरकारी व्यवस्थाओं की तरह यहां लगाए गए यह ब्लोअर भी दम तोड़ गए। मरीजों ने बताया कि इन्हें खराब हुए दो माह से अधिक हो गए हैं, परंतु कोई भी इसे ठीक करने के लिए नहीं आया।
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हर वार्ड में लगाए गए थे ब्लोअर
शहर के अस्पताल में दो साल पहले हर वार्ड में एक-एक ब्लोअर लगाया था, जिसमें पुरुष वार्ड, जच्चा-बच्चा वार्ड, महिला वार्ड और अन्य वार्ड में ब्लोअर लगाने का काम किया था। परंतु इस समय आधे से ज्यादा ब्लोअर खराब हो चुके हैं। जो चल रहे हैं, उसमें से कई ब्लोअर में से गर्म हवा नहीं आ रही है। जिस कारण कमरा गर्म नहीं हो रहा है।
यह बोले मरीज
जिस वार्ड में हम हैं। वहां पर ब्लोअर तो लगा हुआ है। परंतु खराब है, इस कारण रात में सर्दी लगती है और रजाईयों से लपेटकर ही अपने आप को ठंड से बचाना पड़ता है। हम तो चलो रजाई में लिपट जाते हैं, परंतु साथ में जो रात को रुकता है उन्हें ठंड लगती है।
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इसे ठीक करवाया जाना चाहिए। - गीता।
सरकार ने सुविधाएं तो बहुत दे रही है, परंतु उनका लाभ नहीं मिलता है। हम पिछले कई दिनों से वार्ड में है, परंतु यहां पर लगा ब्लोअर चल नहीं रहा है। साथ में आए तीमारदारों ने एक दो वार स्टाफ को कहा परंतु उन्होंने बताया कि इसे ठीक करने के लिए कहा है, लेकिन अभी तक यह ठीक नहीं हुआ। - पिंकी।
नवजात है उन्हें ठंड लगती है, वैसे ही सर्दी के मौसम में ठंड लगने का खतरा बच्चों को ज्यादा रहता है। ऐसे में अगर ब्लोअर चल जाए तो इस ठंड से बचा जा सकता है। प्रशासन को इसे ठीक करवाना चाहिए। - गुरिंद्र कौर
मेरे पैर में चोट लग गई थी। इस कारण पिछले एक माह से यहीं पर हूं। तभी से ही यह ब्लोअर बंद पड़ा हुआ है। एक दो बार कर्मचारी नोट भी करके गए, परंतु किसी ने भी ठीक नहीं किया। लगता है जब सर्दियां चली जाएंगी। इन्हें तब ठीक किया जाएगा। - अवतार सिंह।
वार्ड में आने वाले मरीजों को ठंड न लगे इसके लिए 35 हीटर खरीद लिए गए हैं। जिन्हें सर्वे के बाद जरुरत के हिसाब से वितरित कर दिया जाएगा। जो ब्लोअर खराब हैं उन्हें ठीक करवाने को लेकर कार्रवाई जारी है। जल्द ही उन्हें भी ठीक कर दिया जाएगा।
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- संजीव ग्रोवर, पीएमओ, अंबाला सिटी।
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