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मां-बेटे ने विदेश भेजने के नाम पर दो युवकों से ठगे 53 लाख, जेल भी कटवाई

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अंबाला सिटी। विदेश भेजने के नाम पर गांव जनसुआ के रहने वाले मां-बेटे ने दो युवकों से 53 लाख की ठगी की। विदेश में तो दोनों चले गए लेकिन वहां जेल में रातें काटनी पड़ी। अब दोनों ने भारती अरोड़ा एसपी स्पेशल इन्वेंस्टिगेशन को शिकायत की तब जाकर शहर नग्गल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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गांव जनसुआ निवासी विनोद कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मेरे गांव के ही रहने वाले मनदीप सिंह और उसकी मां के 2017 में संपर्क में आया। उन्होंने उसे बताया कि वह लोगों को विदेश भेजने का काम करते हैं। मनदीप ने कहा कि मेरा भाई बिल्ला कई सालों से अमेरिका में रह रहा है। इसीलिए मुझे पांच दिन में अमेरिका भेज देंगे। इसके लिए उसने 24 लाख रुपये की डिमांड की। जुलाई 2017 में 5 लाख रुपये दिए। आरोपियों ने मुझसे मेरा पासपोर्ट, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो आदि लिए। साथ ही कहा कि बकाया रकम अमेरिका पहुंचने के बाद ले लेंगें। इसके बाद आरोपियों ने उसे दिल्ली बुलाकर वहां 3 महीने रखा। 3 अगस्त को उसे फ्लाइट में बैठा दिया था।
वहीं दूसरे मामले में नसीरपुर निवासी निशान सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह इस समय अपने भाइयों के मकानो मोलगढ़, पंजाब डेरे में रह रहा है। उसकी जमीन गांव सौंटा अंबाला शहर में है। मंदीप सिंह उर्फ लाड़ी की जमीन हमारे खेतों के साथ लगती है। इसीलिए मंदीप और उसकी मां जसविंद्र कौर को जानता था। फरवरी 2019 में मनदीप सिंह उसे खेत में मिला। उसे उसके बेटे गुरजीत को विदेश भेजने की बात कही। इसके बदले 24 लाख रुपयेे मांगे। कहा कि आपने मुझे पहले गुरजीत सिंह का पासपोर्ट देना है। सारे पैसे आपका बेटा वहां पहुंचकर कमा कर दे देगा। इसीलिए वह राजी हो गए। 27 फरवरी 2019 को मंदीप सिंह ने गुरजीत सिंह को फ्लाइट में बैठा दिया। इसके बाद उनका अपने बेटे से कोई संपर्क नहीं हुआ। जब मंदीप से बात की तो संतोषजनक जवाब नहीं दिया। 17 मार्च को को मनदीप सिंह ने बताया कि आपका बेटा रास्ते मे फंसा हुआ है। उसे निकलवाने के लिये आपको पांच लाख रुपये देने होंगे। निशान सिंह ने अपने भाई को 19 मार्च को जमीन बेचकर आरोपी को 5 लाख दिए। 22 अप्रैल को मेरे बेटे का मुझे फोन आया। उसने बताया कि उसे पनामा कैंप में गिरफ्तार कर लिया गया है। बड़ी मुश्किल से मैं यहा तक पहुंचा हूं। इस पर जब उसने मंदीप से बात की तो उसने छुड़ाने के नाम पर 7 लाख रुपये मांगे। मजबूरन निशान ने नसीरपुर में अपना मकान भाई को सात लाख रुपये में बेच उसे पैसे दिए। करीब एक डेढ़ महीने बाद एक जून को उसे बेटा का फोन आया कि अब वह मैक्सिको मे फंसा हुआ है। इस पर आरोपी ने 12 लाख रुपये की मांग कर दी। मजबूरन इस बार उसने अपनी चार कनाल छह मरले जमीन मनदीप सिंह को 12 लाख में बेच दी।
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एक महीने जंगल में रहकर काटी रातें
वह ईक्वाडोर पहुंचा। जबकि आरोपियों ने उसे सीधे अमेरिका भेजने का वादा किया था। इक्वाडोर पहुंचकर पैदल ही जंगल से आगे बढ़ता रहा। करीब 1 महीने बाद अमेरिका 23 सितंबर को पैदल पहुंच गया। इस दौरान मेरे माता पिता बहुत तंग रहे वा मेरे माता पिता ने आरोपियों से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि उसे अमेरिका भेजने के नाम पर अलग-अलग तारीखों पर कुल 25 लाख 45 हजार रुपये हड़प लिए। यह पैसे मेरे माता पिता ने भैंस, गहने बेचकर व अपने रिश्तेदार जीजा से 2 लाख, ससुर से साढ़े पांच लाख लेकर दिए।
अमेरिका जेल से छुड़वाने के नाम पर हड़पे 3.70 लाख
उधर 23 सितंबर 2017 में ही अमेरिका में पुलिस ने पकड़ लिया। जब पीड़ित के पिता ने उक्त आरोपियों से बात की। उन्होंने कहा कि वह मुझे अमेरिका से छुड़वा देंगे। अमेरिका मे वकील करवाने के व केस लड़ने के नाम पर मेरे माता पिता से 3 लाख 70 हजार रुपयेे वसूल लिए। उसका केस डेढ़ साल तक अमेरिका में चला। वहां से मुझे फरवरी 2019 में इंडिया डिपोर्ट कर दिया गया। वापस आने के बाद जब उसने पैसे मांगे तो आरोपियों ने उसे पैसे देने से इंकार कर दिया। साथ ही जाने से मारने की धमकी भी दी।
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