अंबाला सिटी। नारायणगढ़ मोड़ से लेकर मंडौर तक करीब 2.50 किलोमीटर का फोरलेन मार्ग का काम चल रहा है। यह काम इसी माह मार्च में पूरा होना है, मगर अभी तक काफी कार्य अधूरा है।
अभी इस कार्य में और समय लगने का अनुमान है। काम की धीमी गति के कारण इस मार्ग पर हादसों का खतरा हर दम बढ़ रहा है। फोरलेन को बनाने के दौरान डिवाइडर की जगह को कई स्थानों पर खाली छोड़ दिया है। ऐसे में वाहन चालक आसानी से एक लेन से दूसरी लेन में चले जा रहे हैं। इस मार्ग पर नारायणगढ़ से आने वाले डंपरों की संख्या भी अधिक है। ऐसे में हादसे का खतरा हर दम बना है।
पेड़ कटाई और पोल शिफ्ट करने से अटका काम
यह मार्ग अंबाला से पंजोखरा होते हुए शहजादपुर व नारायणगढ़ की तरफ निकलता है। इस परियोजना पर पिछले काफी समय से कार्य चल रहा है। बीच में पेड़ कटाई और बिजली के पोल शिफ्ट न होने से कार्य लटक गया था। इस फोरलेन के बनने से इस क्षेत्र का न केवल ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि लोगों को भी आवाजाही में सहूलियत होगी।
रोड 33 फुट से 60 फुट होगा चाैड़ा
इस रोड की चौड़ाई 33 फुट से 60 फुट तक की जा रही है। रोड के बीच में डिवाइडर भी बनेगा। इसके लिए जगह छोड़ दी है। साथ ही रोड की साइड में दोनों तरफ पानी निकासी के लिए नाला भी बन गया है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 11.50 करोड़ खर्च होंगे। नारायणगढ़ मोड़ से लेकर मंडौर तक दोनों तरफ ज्यादातर सड़क बन गई है, लेकिन अभी भी कुछ जगहों पर सड़क बनाने का कार्य चल रहा है। इसके बाद डिवाइडर बनाने का कार्य शुरू होगा।
शहर से नारायणगढ़ का है मुख्य रास्ता
नारायणगढ़ अंबाला जिला का कस्बा है। जिला मुख्यालय भी अंबाला शहर में है। ऐसे में लोगों को अपनी समस्या व अन्य कार्यों के लिए शहर आना पड़ता है। वहीं, अंबाला शहर से नारायणगढ़ आने-जाने के लिए यह मुख्य रास्ता है। बलदेव नगर चौक से लेकर मंडौर तक आबादी और व्यावसायिक करण हो गया है।
वर्जन
नारायणगढ़ मोड से मंडौर तक अढ़ाई किलोमीटर का एरिया फोरलेन किया जा रहा है। इसको लेकर कार्य चल रहा है। यह कार्य 15 अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट 11.50 करोड़ का है। दोनों तरफ सड़क बन चुकी है। अब डिवाइडर बनाने का कार्य करवाया जाएगा।
अश्वनी कुमार, जेई, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर।