राष्ट्रीय खिलाड़ी एश्वर्य अपने माता पिता और छोटी बहन के साथ। स्वंय
अंबाला। केंद्रीय विद्यालय तीन की छात्रा एश्वर्य और मुरलीधर डीएवी स्कूल की छात्रा अर्शदीप दोनाें ही बास्केटबाल की नेशनल की खिलाड़ी हैं। एक ने तीन साल तो दूसरी ने पांच साल में राष्ट्रीय स्तर का मुकाम हासिल किया। एश्वर्य के पिता प्राइवेट जॉब करते हैं तो अर्शदीप के पिता अधिवक्ता हैं। मौजूदा समय में दोनों ही खिलाड़ी शहर के सेक्टर 10 राजीव गांधी खेल स्टेडियम में कोच सतबीर हुड्डा से बास्केटबॉल का प्रशिक्षण ले रही हैं।
स्टेडियम में बच्चों को खेलते देखा और बन गई नेशनल खिलाडी
एश्वर्य ने बताया कि वह शहर के सेक्टर 10 की निवासी है और छावनी के केंद्रीय विद्यालय नंबर तीन में 10वीं कक्षा की छात्रा है। उसके पिता श्रवण गुप्ता प्राइवेट जॉब करते हैं जबकि माता मिनी गुप्ता गृहिणी हैं। स्टेडियम के पास घर होने के कारण वहां पर बच्चों को बास्केटबाल खेलते देखा। इसके बाद उसके मन बास्केटबाल खेलने की इच्छा जागी। तब से एश्वर्य ने खेलना शुरू किया । अभी तक वह पांच पदक जीत चुकी हैं। जिसमें दो बार केंद्रीय विद्यालय की ओर से देहरादून में आयोजित नेशनल गेम्स खेलीं। जिसमें एक कांस्य और दूसरी बार भागीदारी रही। इसी तरह से हरियाणा की ओर से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में आयोजित ओपन नेशनल खेल प्रतियोगिता में भागीदारी रही। वहीं, हरियाणा स्टेट लेवल में तीन पदक हैं।
बच्चों के साथ पहली बार हुई शुरुआत
मानव विहार निवासी अर्शदीप ने बताया कि वह मुरलीधर डीएवी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। पिता सुरजीत सिंह अधिवक्ता हैं। माता जगजीत कौर शिक्षिका हैं। वह पांच साल से बास्केटबाल सीख रही हैं। जब वह सेंट पाॅल स्कूल में सातवीं कक्षा में थी तब उसे स्कूल की ओर से करनाल में बास्केटबाल खिलाने के लिए लेकर गए। वहां से आने के बाद उसकी बास्केटबाल की शुरूआत हो गई। उसके पास कुल तीन पदक हैं। वह दो नेशनल बार नार्थ जोन जूनियर नेशनल खेल चुकी हैं जिसमें एक कांस्य है। इसी तरह से दिल्ली में आयोजित डीएवी नेशनल गेम्स में एक कांस्य पदक अपने नाम कर चुकी हैं। इसके अलावा हिसार में आयोजित डीएवी स्टेट में रजत पदक जीत चुकी है तथा खेल महाकुंभ और खेलो हरियाणा में भागीदारी रही है।
राष्ट्रीय खिलाड़ी एश्वर्य अपने माता पिता और छोटी बहन के साथ। स्वंय