अंबाला सिटी। पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति चल रही है। इसको देखते हुए पूर्व सैनिक वेलफेयर कमेटी ने भी देश की सेवा के लिए अपने हाथ बढ़ाए हैं।
पूर्व सैनिक वेलफेयर कमेटी पदाधिकारी और सदस्य शनिवार सुबह उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। उन्होंने उपायुक्त के नाम पत्र सौंपा और हर तरह के सहयोग के लिए आगे रहने का आश्वासन दिया। यही नहीं 91 वर्षीय पूर्व हवलदार बलवंत सिंह का हौसला उम्र बढ़ने के बाद भी कम नहीं है। उन्होंने कहा कि वह देश के लिए जीते हैं और देश के लिए मर मिटेंगे।
ड्यूटी हो या रक्तदान, हमेशा हैं तैयार : सूबेदार गुलाबदीन
पूर्व सैनिक वेलफेयर कमेटी के प्रधान सूबेदार गुलाबदीन ने बताया कि पूर्व सैनिक वेलफेयर कमेटी के वालंटियर की किसी भी तरह की जरूरत पड़ती है तो वह सभी तैयार हैं। चाहे किसी ड्यूटी के लिए या रक्तदान के लिए जरूरत हो, वह सभी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उनकी कमेटी में जिले से 1350 से ज्यादा पूर्व सैनिक जुड़े हैं। कमेटी में 80 से 90 वर्ष के पूर्व सैनिक भी अपनी सेवा देने के लिए तैयार हैं। उनका जज्बा कम नहीं है।
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पूर्व हवलदार बोले पांच लड़ाइयां लड़ चुके
पूर्व सैनिक वेलफेयर कमेटी के सदस्य 91 वर्षीय पूर्व हवलदार बलवंत सिंह का जज्बा देश के लिए हम भी कम नहीं है। उन्होंने बताया कि वह 1950 में सेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने देश के लिए पांच लड़ाई लड़ी हैं। वह 1973 में सेवानिवृत्त हुए थे। अब वह 91 वर्ष के हो चुके हैं। अगर उनको सेना की ओर से बुलाया जाता है तो वह सबसे पहले जाएंगे।
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कारगिल की लड़ाई लड़ी है। कारगिल की लड़ाई में पाकिस्तान के दांत खट्टे किए। उससे पहले भी हमारी सेनाओं ने पाकिस्तान को बुरी तरह हराया। अब भी पूर्व सैनिक होने के नाते वह देश के साथ खड़े हैं। सैनिक कभी बूढ़ा नहीं होता। वह मरते दम तक देश के लिए अपना योगदान देता है। अगर अब भी हमारी सेना को उनकी जरूरत है तो वह आज भी देश के लिए खड़े हैं।
बलजीत सिंह, पूर्व नायब सूबेदार।
पूर्व सैनिक वेलफेयर कमेटी के पदाधिकारी व सदस्य शनिवार को उपायुक्त कार्यालय पर जानकारी देते हुए
पूर्व सैनिक वेलफेयर कमेटी के पदाधिकारी व सदस्य शनिवार को उपायुक्त कार्यालय पर जानकारी देते हुए