हरियाणा विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान अंबाला में विज के चुनाव कार्यालय पर मनोहर लाल ने उनके साथ बिताए राजनीतिक अनुभवों को भी साझा कर कार्यकर्ताओं में जोश भरा। गौरतलब है कि मनोहरलाल के मुख्यमंत्री पद पर रहने के दौरान कई बार विज और मनोहर लाल के आमने-सामने आने की खबरों ने तूल पकड़ा था।
चुनाव ऐसी बला है कि अपने गैर हो जाते हैं और गैर अपने, कहीं मनमुटाव हो जाता है तो कहीं गिले शिकवे दूर हो जाते हैं। अंबाला छावनी में शनिवार को ऐसा ही सियासी माहौल बना जब केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल भाजपा प्रत्याशी अनिल विज के प्रचार के लिए पहुंच गए। दोनों के गिले-शिकवे गाहे-बगाहे जाहिर होते रहे हैं लेकिन मनोहर अदा ने सभी पुरानी बातों को काफूर कर दिया।
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विज के चुनाव कार्यालय पर मनोहर लाल ने उनके साथ बिताए राजनीतिक अनुभवों को भी साझा कर कार्यकर्ताओं में जोश भरा। मनोहर बोले- जब मैं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में विभाग प्रचारक था तब मेरे पुराने साथी अनिल विज 1990 के उपचुनाव में मैदान में थे। उस समय हम चौटाला सरकार को समर्थन दे रहे थे। चूंकि अंबाला कैंट सीट भाजपा की थी और यहां से विधायक सुषमा स्वराज राज्यसभा चली गईं थीं तो इस सीट पर उपचुनाव हुआ था। गठबंधन के सहयोगी का कहना था कि यह सीट उसे मिलनी चाहिए मगर इस सीट पर हमने चुनाव लड़ा। सहयोगी इनेलो ने भी अपना प्रत्याशी उतारा। उस समय सरकार के विरोध के बावजूद हमने विज को यहां से जिताया था। लगातार सरकार में हमने साथ काम किए।
गौरतलब है कि मनोहरलाल के मुख्यमंत्री पद पर रहने के दौरान कई बार विज और मनोहर लाल के आमने-सामने आने की खबरों ने तूल पकड़ा था। इसके बाद लोकसभा चुनाव से पहले जब सीएम बदलने की बात आई तो विज इस बात से नाराज हुए कि मनोहर लाल के साथ ही गाड़ी में बैठकर वह विधानसभा तक गए थे, मगर उन्हें यह तक नहीं बताया गया कि सीएम बदलने वाला है। हालांकि इन सभी घटनाओं के बावजूद विज हमेशा नाराजगी की बात को नकारते रहे। अब जब मनोहर लाल विज के लिए मैदान में आये तो हालात अलग नजर आ रहे हैं।