अंबाला क्लब प्रबंधन पर लग रहे हेराफेरी के आरोपों को लेकर अब चेयरमैन अरविंद सिकरी ने सफाई दी है। साथ ही क्लब के दो पूर्व चेयरमैनों व सदस्यों को भेजे गए नोटिसों के बारे में भी बताया। उधर प्रबंधन पर लगे हेराफेरी के आरोपों की जांच करने वाले सदस्यों ने एक बार फिर प्रबंधन पर बड़ा हमला किया है। अंबाला क्लब के पूर्व चेयरमैन डॉक्टर सन्नी सिंह आहलूवालिया ने प्रबंधन पर लगातार नोटिसों से दबाव की कोशिश करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि वे किसी भी दबाव में आने वाले नहीं हैं। जरूरत पड़ी तो प्रबंधन के निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी।
हैडिंग
जांच दबाने के लिए बना रहे हैं दबाव
मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. सन्नी सिंह आहलुवालिया ने कहा कि प्रबंधन के खिलाफ जांच शुरू होने के बावजूद उन्हें साजिश के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। जबकि जांच के दौरान प्रबंधन को ऐसी कोई पॉवर नहीं कि वह किसी सदस्य को उसकी सदस्यता खारिज करने के लिए कोई नोटिस दे सके। उन्होंने कहा कि सिर्फ जांच को दबाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पहले प्रदीप की आवाज दबाने के लिए उसके खिलाफ छेड़छाड़ का झूठा केस करवाकर उसे गिरफ्तार करवा लिया। अब सदस्य गगन धमीजा को 4.90 लाख की रिकवरी का नोटिस भेजा गया। अलॉट दुकानों से सामान हटवाने के लिए भी नोटिस भेजे जा रहे हैं। धमीजा ने कहा कि तत्कालीन प्रबंधन ने जिन शर्तों पर उसे दुकान अलॉट की थी तब उसने सभी को पूरा किया था। पर अपने उपर लगे आरोपों की जांच प्रभावित करने के लिए अब प्रबंधन घटिया हरकतों पर उतर आया है। क्लब के पूर्व चेयरमैन सुनील मोहन त्रिखा ने कहा वे ऐसे नोटिसों के दबाव में आने वाले नहीं हैं। जल्द ही मामले को लेकर डीसी से मुलाकात की जाएगी। क्लब के सदस्य आरपीएस भाटिया व जेपी सिंह ने कहा कि जांच पूरी होने तक चेयरमैन अरविंद सिकरी सचिव पवन चुघ,कैशियर दीपक पोपली तथा संयुक्त सचिव रविंद्र अग्रवाल की एंट्री क्लब से बैन होनी चाहिए। ताकि ये जांच प्रभावित न कर सकें।
क्लब के फायदे के लिया हर फैसला
सिकरी अंबाला क्लब के चेयरमैन अरविंद सिकरी ने कहा कि क्लब के हित में भी उन्होंने हर फैसला लिया है। डॉ. सन्नी सिंह आहलुवालिया व गगनजीत धमीजा को भेजे गए नोटिस पूरी तरह सही हैं। सभी निर्णय एक्ट के आधार पर हैं। धमीजा द्वारा 4.90 लाख की रिकवरी का नोटिस सही है। 15 फरवरी 2011 को आरके नरुला की मौजूदगी में हुई बैठक के दौरान दुकानों की ट्रांसफर फीस को 10 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए की थी। तब डॉ. सन्नी सिंह आहलुवालिया भी उसमें मौजूद थे। गगन को दुकान मात्र 10 हजार रुपए में ट्रांसफर हुई थी उस समय डॉ. सन्नी सिंह आहलुवालिया चेयरमैन थे। तब गगन से 4.90 लाख रुपये नहीं लिए गए। 27 जनवरी 2020 को ट्रांसफर फीस 5 लाख रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रूपये की कई। तब यह मामला उनके सामने आया था। क्लब की दुकानों पर रखी पानी की टैंकी व जरनेटर को हटवाने का आग्रह किया गया है ताकि क्लब उस जगह का यूज कर सके। सिकरी ने कहा कि क्लब में जो भी प्रोग्राम के दौरान शराब का प्रयोग हुआ, वह कंपनी के कर्मचारियों की देखरेख ही स्टाल से सर्व की जाती है। उन्होंने बताया कि प्रोग्राम के दौरान कुल 10 पेटी शराब यूज हुई थी और कंपनी की तरफ से 10 पेटी का क्रेडिट नोट क्लब के नाम काटा गया है। कोई भी मेंबर अपने घर शराब लेकर नहीं गया है।