फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेलवे का खजाना खाली, दस करोड़ का भुगतान रुका, फिर भी सात विकास योजनाओं के लिए 4 करोड़ के टेंडर निकाले

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला मंडल का खजाना खाली है। इसके बाद भी 4 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं के टेंडर आमंत्रित कर दिए गए। जबकि पिछली योजनाओं का काम पूरा होने के बाद भी अभी तक भुगतान नहीं हो पाया है। योजनाओं से जुड़े ठेकेदारों को 4 महीने बाद भी भुगतान नहीं मिला है। ऐसे में एक बार फिर उन पर काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। पैसा न होने के बाद भी रेलवे ने अंबाला मंडल के अलग-अलग जगह पर होने वाले कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। ये टेंडर ठेकेदारों की गले की फांस बन गए हैं। वे कशमकश में हैं कि टेंडर के लिए आवेदन किया जाए या नहीं। क्योंकि काम पूरा करने और बिल जमा कराने के बाद भी विभाग की ओर से पिछला भुगतान नहीं किया गया।
विज्ञापन

रेलवे से जुड़े ठेकेदारों ने बताया कि अक्तूबर माह में उन्होंने रेलवे द्वारा दिए गए काम को पूूूरा कर दिया था। विभागीय अधिकारी ने मौके का मुआयना कर इसे पास भी कर दिया। जब भुगतान लेने की बारी आई तो एक भी पैसा नहीं मिला। आश्वासन जरूर मिला कि अप्रैल 2020 में पैसे मिल जाएंगे। उन्होंने बताया कि लगभग 100 ठेकेदारों की लगभग 10 करोड़ रुपये की पेमेंट विभाग के पास लंबित है। ठेकेदारों ने बताया कि वह पिछले 4 महीने से मानसिक व आर्थिक पीड़ा झेल रहे हैं। विभागीय अधिकारी काम करने का दबाव डाल रहे हैं, लेकिन भुगतान करने में आनकानी कर रहे हैं। इस कारण कुछ ठेकेदार बीमार भी हो गए हैं।
4 करोड़ की 7 विकास योजनाएं
अंबाला मंडल ने पैसा न होने के बावजूद वरिष्ठ मंडल अभियंता-समन्वय अंबाला द्वारा ठेकेदारों द्वारा 4 करोड़ की 7 विकास योजनाएं के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। इन टेंडर्स को खोलने का समय 19 फरवरी रखा गया है। इसमें कालका-शिमला सेक्शन पर कार्य के लिए 7085710 रूपए, ,अम्बाला में रेल विहार के जीर्णोद्धार के लिए 5720073 रुपए, चंडीगढ़- मोहाली में कार्य के लिए 12845886 रुपए, रेलवे क्वार्टर की रंगाई-पुताई के लिए 1979755 रुपए, रेलवे कॉलोनी में सड़क व ड्रेनेज आदि के लिए 4454861 रुपए व पटियाला में ट्रैक के रख-रखाव के लिए 8020764 रुपए के टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।
विज्ञापन

फंड की कमी
उत्तर रेलवे बड़ौदा हाउस की तरफ से जो फंड 2019-2020 के लिए आया था वहो पहले ही खत्म हो गया है और अब जो काम हो रहे हैं उनका भुगतान अगले वित्तीय वर्ष में प्राप्त फंड से होगा और वह कब आएगा, इसकी जानकारी अभी किसी के पास नहीं है। लेकिन रेलवे अधिकारी अप्रैल में भुगतान का आश्वासन दे रहे हैं।
यूआरकेयू ने जताई आपत्ति
उत्तर रेलवे कर्मचारी यूनियन पदाधिकारी व आरटीआई कार्यकर्ता धर्मपाल ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने उत्तर रेलवे छावनी जनसंपर्क अधिकारी के पास आरटीआई लगाई है। जानकारी मांगी है कि जब रेलवे के पास फंड नही हैं तो फिर किस आधार पर 4 करोड़ 1 लाख 7 हजार 49 रुपये की निविदाएं आमंत्रति की गई हैं। यही नहीं जो अधिकारी ठेकेदारों को परेशान कर रहा था, उसके तबादला आदेश आने के बाद भी उसे रिलीव नहीं किया गया और उसने रसूख का इस्तेमाल करते हुए अपने तबादला आदेश निरस्त करवा लिए, जबकि उनकी जगह नियुक्त नए अधिकारियों की कार्यशैली व व्यवहार काफी उत्कृष्ट है।
-------------------------------
कोट्स
अगले वित्त वर्ष में होने वाले कार्य के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। इस प्रक्रिया में 2-3 महीने का समय लगता है। 3-4 ठेकेदारों को पेमेंट भी दी गई है। फंड की कमी के चलते कुछ कार्य को लंबित किया गया है।
विज्ञापन

जीएम सिंह, रेल प्रबंधक अंबाला मंडल।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें