अंबाला। वन विभाग में पौध लगाने में खेल हो गया है। इस मामले का कभी खुलासा नहीं होता अगर मुख्य वन संरक्षक पौधरोपण की स्थिति का जायजा लेने न पहुंचते। दरअसल मुख्य वन संरक्षक नॉर्थ सर्कल एसएस नारायणन को दौरे के दौरान कई जगह पर कम पौधे मिले तो कई जगह पौधे ही गायब मिले। इससे खफा अधिकारी ने वन दरोगा रामकुमार को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही जांच भी बैठा दी है।
मुख्य वन संरक्षक शनिवार को छावनी स्थित कई जगहों पर पौधरोपण की स्थिति और कार्याें का जायजा लेने के लिए निकले थे। सभी जगहों पर उन्हें स्थिति खराब ही दिखाई दी। वह सबसे पहले उगाड़ा पंचायत लाइन में डेयरी फार्म के पास पहुंचे थे, यहां भी उन्हें स्थिति संतोषजनक दिखाई नहीं दी। इसके बाद वह दुदला मंडी में रिज के पास पहुंचे। वहां भी उन्हें पौधे नहीं मिले।
इसके अलावा वहां पहले से पहुंचे मजदूर यूनियन के सदस्यों ने विरोध व्यक्त किया। मजदूरों ने अपनी बात रखते हुए बताया कि यहां पर 17 हजार पौधे लगने थे। यहां एक भी पौधा नहीं लगा है। वहीं अब कर्मचारियों की ओर सेपौधे लगाने का कार्य किया जा रहा है। मजदूरों की बात सुनने के बाद अधिकारी हिम्मपुरा फार्म पहुंचे। जहां भी उन्हें आधे पौधे ही दिखाई दिए, जबकि आधे पौधे खत्म ही मिले।
इसके बाद उन्होंने डीआरएम कार्यालय के पास लगने वाले 15 हजार पौधों की स्थिति को देखा, उन्हें यहां भी पौधों की स्थिति खराब ही दिखाई दी। वहीं इसके बाद वह रामपुर नर्सरी के पंचायत लाइन पर पहुंचे यहां भी 3 हजार पौधे लगाने जाने की बात कही जा रही थी। परंतु यहां भी पौधे नहीं थे। इन सबसे खफा अधिकारी ने वन दरोगा को सस्पेंड करते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।
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वन विभाग मजदूर यूनियन ने की नारेबाजी
दुदला मंडी पहुंचे वन विभाग मजदूर यूनियन के सदस्यों ने अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान वहां पर लगाए जा रहे पौधों के कार्य को उन्होंने रुकवा दिया। उनका कहना है कि यह समय पौधे लगाने का नहीं है।
विभाग की ओर से यह कार्य अपने बचाव में किया जा रहा था, क्योंकि दुदला मंडी में 70 आरकेएम रिज बनी है और इस स्थान पर 17 हजार पौधे लगाए जाने थे। यहां पर एक भी पौधा नहीं लगाया गया। पिछले दिनों जब जांच हुई और वहां पर एक भी पौधा नहीं मिला तो अपने बचाव में विभाग ने दूसरी नर्सरी से पौधे व मजदूर लाकर पौधे रोपित करने का काम किया। यूनियन का कहना है कि जो पौधे पहले लगाए जाने थे उसके सारे रुपये ही विभाग के अधिकारी खा गए हैं।
इस पर उन्होंने गृह मंत्री सहित विभाग से भी इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। यूनियन के जिला सचिव यशपाल शर्मा ने बताया कि अगर विभाग की ओर से जो यह पौधे रोपित किए जा रहे है वह बिल्कुल ही गलत समय है, जबकि पौधे रोपित करने का कार्य बारिश के मौसम में यानि जून और जुलाई में किया जाता है। यह कार्य अब कर रहे हैं। इसके अलावा यूनियन के जिला प्रधान किशन कुमार ने भी इस मामले की जांच करने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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अधिकारी आए थे। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया है और कमी मिलने पर वन दरोगा रामकुमार को सस्पेंड किया गया है। वहीं अब आगामी जांच की जाएगी। - पवन शर्मा, डीएफओ, अंबाला।