संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। नगरपालिका चेयरमैन रजत मलिक की चेतावनी के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है और एक ही दिन में सात विकास कार्याें की निविदा जारी कर दी है। मंगलवार को इसी गहमागहमी के बीच नगरपालिका सचिव, एमई, चेयरमैन और पार्षदों की बैठक हुई। बैठक में विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार का मुद्दा छाया रहा। चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि अधिकारी पार्षदों की सुनवाई नहीं कर रहे, इससे वार्डों के काम रुके पड़े हैं।
पार्षदों ने उठाई सफाई और निकासी की मांग
बैठक में पार्षदों ने वार्डों में सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। पार्षदों का कहना था कि प्रत्येक वार्ड में केवल एक सफाईकर्मी है, जो पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सफाईकर्मियों की संख्या बढ़ाने की मांग की, साथ ही जल निकासी की समस्या को लेकर भी चिंता जताई गई। चेयरमैन ने कहा कि क्षेत्र ने हाल ही में बाढ़ की विभीषिका झेली है और निकासी कार्यों के लिए केवल तीन महीने बचे हैं। यदि अधिकारी अब भी नहीं जागे, तो स्थिति विकट हो जाएगी।
15 दिन का अल्टीमेटम
चेयरमैन रजत मलिक ने प्रशासन को 15 दिन का समय दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार करोड़ों की ग्रांट भेज रही है लेकिन अफसरों की ढील के कारण पैसा लैप्स हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में समस्याओं का निपटान नहीं हुआ, तो वे उच्चाधिकारियों के समक्ष मामला उठाएंगे। उन्होंने सवाल किया कि जो काम एक हफ्ते में हो सकते हैं, उन्हें दो महीने तक क्यों लटकाया जाता है।
सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज
रजत मलिक की इस नाराजगी को राजनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है। भाजपा के भीतर की गुटबाजी अब सार्वजनिक चर्चा का विषय है। दरअसल, रजत मलिक पहले पूर्व मंत्री संतोष चौहान के करीबी रहे लेकिन चेयरमैन चुनाव में टिकट न मिलने पर उन्होंने आजाद प्रत्याशी के तौर पर जीत दर्ज की। बाद में वे फिर से भाजपा में शामिल हो गए, जिससे पार्टी का एक धड़ा उनसे दूर नजर आता है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अधिकारियों के साथ यह तकरार इसी आंतरिक खींचतान का परिणाम हो सकती है।
किसी की नहीं हो रही अनदेखी
दूसरी ओर नगरपालिका सचिव मोहित सैनी ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि सोमवार को सात विकास कार्यों की निविदा लगा दी गई है और करीब 30 अन्य निविदा की सूची तैयार है। सचिव के अनुसार, हर वार्ड में स्थायी सफाईकर्मी तैनात हैं। चेयरमैन की नाराजगी के सवाल पर उन्होंने कुछ भी कहने से मना कर दिया।