हरिंदर पाल सिंह
अंबाल। कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला (सीबीए) के सी-श्रेणी प्राप्त क्षेत्रों को नगर परिषद के अधीन करने के लिए 51 करोड़ रुपये का खाका तैयार हो गया है। बोर्ड द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव को बैठक में स्वीकृति मिल चुकी है। बोर्ड के जिन पांच क्षेत्रों के लिए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसमें तोपखाना परेड, रसाला बाजार, हिम्मतपुरा और दूधला और गुलाब मंडी शामिल है। रिहायशी क्षेत्रों की 13.466 एकड़ जगह को इसमें शामिल किया गया है। जमीन का मूल्य करीब 40 करोड़ 84 लाख निर्धारित किया गया है। इसके अलावा इन क्षेत्रों में बनी बोर्ड की इमारतों, सड़कों व ट्यूबवेल आदि के लिए भी 10.06 करोड़ का मूल्य लगाया गया है।
तीन वर्षों से चल रही प्रक्रिया
बोर्ड के उक्त क्षेत्रों को नगर परिषद में शामिल करवाने के लिए हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री पुरजोर प्रयास कर रहे हैं। पिछले दिनों सर्किट हाउस में बैठक के दौरान भी गृहमंत्री ने इस मुद्दे को लेकर बोर्ड के सीईओ और अन्य अधिकारियों से मंत्रणा की थी। दरअसल बोर्ड ने जो खाका पहले तैयार किया था, उसके हिसाब से लगभग 300 करोड़ रुपये का अनुमानित मूल्य लगाया गया था। इस संबंध में सेना और हरियाणा सरकार के बीच कई बार मंत्रणा भी हुई, लेकिन जमीन का मूल्य कई गुणा अधिक होने के कारण यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। अब नए सिरे से तैयार किए जमीन के मूल्य पर सेना और सरकार के बीच सहमति बन सकती है।
बढ़ेगी वार्ड की संख्या और
लगभग 46 साल बाद एक बार फिर से कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला (सीबीए) के पांच क्षेत्रों को नगर परिषद (नप) अंबाला सदर में शामिल करने की हलचल तेज होने लगी है।इन क्षेत्रों के नप में शामिल होने के बाद से वोटर की संख्या में बढ़ोतरी हो जाएगी, वहीं वार्डों की संख्या में भी इजाफा होने का अनुमान है। गौरतलब है कि इन क्षेत्रों में लगभग 35 हजार की आबादी है, जबकि यहां पर 8 हजार से अधिक वोट हैं।
बोर्ड की मौजूदा स्थिति
मौजूदा समय में कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला में आठ वार्ड हैं। इन वार्डों में लगभग 55 हजार वोटर हैं। चुनाव के लिए एक वार्ड एससी तथा तीन वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जबकि चार वार्ड सामान्य श्रेणी के लिए हैं।
2015 से नहीं हुए चुनाव
कैंटोनमेंट बोर्ड के पिछले आम चुनाव 2015 में हुए थे और फरवरी 2020 में बोर्ड पार्षदों का कार्यकाल खत्म हो गया था, लेकिन बाद में इसे छह-छह माह के लिए दो बाद फरवरी 2021 तक बढ़ाया गया। इसके बाद बोर्ड में मनोनीत सदस्य के तौर पर पूर्व उपाध्यक्ष अजय बवेजा का चयन किया गया, ताकि बोर्ड वासियों की समस्याओं का समाधान हो सके और विकास कार्य सुचारु ढंग से चलते रहें। उनका कार्यकाल भी तीन बार छह-छह माह के लिए बढ़ाया जा चुका है।
जो प्रस्तावित क्षेत्र नगर परिषद में शामिल किए जाने हैं। उसे लेकर रक्षा मंत्रालय की तरफ से निर्देश मिले थे कि जितनी भी संपत्ति यहां है, उसका मूल्य लगाकर जानकारी भेजी जाए। उसका मूल्य लगाया गया है ताकि जमीन को लेकर हरियाणा सरकार के साथ जो आगामी कार्रवाई होनी है वो जल्द हो सके।
अजय बवेजा, मनोनीत सदस्य, सीबीए।