मुलाना। चंडीगढ़ स्थित इंडियन बैंक ने एक फर्नीचर कंपनी और उसके मालिकों के खिलाफ अपनी गिरवी रखी गई संपत्ति पर बार-बार अवैध कब्जा करने और बैंक के सुरक्षा गार्डों को धमकाने के आरोप में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन नामजद व अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इंडियन बैंक की स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट शाखा चंडीगढ़ के मुख्य प्रबंधक संदीप राठी की तहरीर के अनुसार मेसर्स अंजना फर्नीचर इंडस्ट्री ने बैंक से लगभग 77 लाख रुपये का ऋण लिया था। ऋण का भुगतान न होने के कारण बैंक ने ऋण की वसूली के लिए सरफेसी एक्ट, 2002 के तहत कार्रवाई शुरू की, इसके बाद बैंक को जिला मजिस्ट्रेट, अंबाला के आदेश के बाद 18 दिसंबर, 2024 को संपत्ति का कब्जा मिल गया।
हालांकि, इसके बावजूद, आरोपी महिला उसकी सास, पति दिनेश कुमार और कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने दो बार बैंक की संपत्ति पर अवैध रूप से प्रवेश किया। 23 जनवरी, 2025 को पहली बार आरोपियों ने ताले तोड़कर संपत्ति में घुसपैठ की और वहां मौजूद सुरक्षा गार्डों को धमकाया। थाना मुलाना में इसकी शिकायत भी दी थी मगर दर्ज नहीं की गई, इसके बाद 18 अगस्त, को दूसरी बार शाम लगभग 4:30 बजे आरोपी महिला पांच से छह अज्ञात व्यक्तियों के साथ फिर से बैंक की संपत्ति में घुस आईं, ताले तोड़े और सुरक्षा गार्डों, आकाश कुमार, कल्याण और प्रदीप को धमकाया। इस बार बैंक ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई का अनुरोध किया है, जिससे कि बैंक बकाया की वसूली के लिए संपत्ति को बेच सके।