बराड़ा। बराड़ा में सूअरों की संदिग्ध मौत के बाद हड़कंप मच गया। दर्जनों सूअरों की अप्राकृतिक मौत से कस्बा वासी दहशत में हैं। वार्ड नंबर 15 की मंदिर वाली गली में एक सप्ताह में एक दर्जन से अधिक सूअरों के मरने से चारों और दुर्गंध फैली हुई है। कुत्तों ने मृत सूअरों को नोच कर मांस के टुकड़ों को दूर-दूर तक फैला दिया है। इस कारण मोहल्लावासी नारकीय जीवन जीने को विवश हैं।
वार्ड नंबर 15 निवासी परमजीत नेहरा, सुभाष चंद्र, राजन, हरी बाजवा, राजेश कुमार, विमला, जगदीश, कप्तान सिंह आदि का कहना है कि नगर पालिका कार्यालय को मौखिक और लिखित सूचना के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि जिले के सोंटा, बब्याल और बलदेव नगर क्षेत्र में पिछले दिनों तीन लोगों में स्वाइन फ्लू के संक्रमण का समाचार मिला था। वहीं नारायणगढ़ के भूरेवाला के पिगी फार्म में अफ्रीकी स्वाइन फ्लू से 546 सूअरों के संक्रमित पाए जाने के बाद दफनाया गया था, इसके चलते कस्बे में दहशत का माहौल है।
दूसरी ओर, नगर पालिका में लगभग 150 सफाई कर्मचारियों की फौज है। इस पर लाखों रुपये का बजट खर्च किया जाता है। इसके बावजूद डोर टू डोर, गंदे पानी की निकासी, कूड़ा निस्तारण सहित मृत पशुओं को निपटाने की समस्या से नागरिक जूझ रहे हैं। जनता से टैक्स वसूलने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन सुविधा के नाम पर लीपापोती कर कर्तव्य की इतिश्री मान लेता।
मृत पशुओं को उठाने का ठेका देना भूला नपा
जानकारी के अनुसार मृत पशुओं को उठाने और दफनाने का ठेका नहीं लिया गया है। दैनिक मजदूरों से मृत पशुओं को उठाने का काम करवाया जाता है। यह सफाई मजदूर केवल एक उथला गड्ढा खोदकर नाममात्र मिट्टी डालकर पशुओं को दफना रहे हैं। इसे कुत्ते खोद कर उन्हें खाना शुरू कर देते हैं व स्थान-स्थान पर मांस के टुकड़े फेंक जाते हैं। इस कारण क्षेत्र में दुर्गंध फैली हुई है और विभिन्न रोगों के संक्रमण की आशंका रहती है।
कस्बे में सूअरों के अचानक मरने की समस्या मेरे संज्ञान में आई है। संबंधित कर्मचारियों को आदेश पारित कर मृत सूअरों को दफनाने का कार्य आरंभ किया जाएगा। समस्या का शीघ्र समाधान कर दिया जाएगा।
-मोहनलाल, सचिव, नगर पालिका, बराड़ा
बराड़ा सीएचसी क्षेत्र में अभी स्वाइन फ्लू के संक्रमण का समाचार नहीं है। दर्जनों सूअरों की मौत के मामले पर स्वस्थ विभाग के सेनेटरी इंस्पेक्टर द्वारा नपा सचिव से बात करके क्षेत्र को सैनिटाइज करवाया जाएगा। -डॉक्टर प्रतीक शर्मा, प्रभारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बराड़ा