ट्रक की टक्कर से ट्रैक्टर-ट्राली चला रहे गोकलगढ़ निवासी राजेश कुमार (39) की मौत के बाद घर में मातम पसर गया। हादसे में न केवल घर का सबसे बड़ा चिराग बुझ गया बल्कि राजेश का बड़ा बेटा भी अपाहिज हो गया। परिजनों को चिंता इस बात की सता रही थी कि अब होश में आने के बाद वह उदय को कैसे संभालेंगे। एक तो पिता की मौत और दूसरा उसकी टांग कटना। दोनों दुखों को वह एकदम कैसे बर्दाश्त करेगा? यह सोच-सोचकर परिजनों की आंखों से लगातार आंसू टपक रहे थे। राजेश घर में सबसे बड़ा और सबका प्यारा था। माता-पिता का आज्ञाकारी बेटा उन्हें छोड़ कर चला गया। इस बात की टीस परिजनों को खाए जा रही थी। विलाप करते हुए छोटे भाई पंकज ने बताया कि बड़ा भाई राजेश कुमार सरल, सुगम व शांतिप्रिय स्वभाव का व्यक्ति था। घर में कोई मेहमान आता था तो वह सबसे पहले खातिरदारी में जुट जाता था। राजेश कभी भी किसी बात का बुरा नहीं मानता था, उसमें सेवाभाव कूट-कूट कर भरा हुआ था। राजेश के पास दो लड़के हैं। इसमें बड़ा बेटा उदय 19 साल तो दूसरा बेटा हर्ष 7 साल का है। हादसे के वक्त उदय भी अपने पिता के साथ ही था।
ट्रक चालक की भी टूट गई टांगें
दूसरी तरह इस हादसे को अंजाम तक पहुंचाने वाले ट्रक चालक निजाम की हालत भी सही नहीं थी। हादसे में बेशक उसकी जान बच गई लेकिन उसकी दोनों टांगे टूट चुकी हैं। ऐसे में अब वह भी लंबे समय बाद ही अपने पांव पर चल पाएगा।