संवाद न्यूज एजेंसी
शहजादपुर। आर्य समाज बनौंदी के तत्वावधान में रविवार को विशाल किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने शिरकत की। उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती का त्याग कर देसी गाय आधारित प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जहरमुक्त खेती ही भविष्य की जरूरत है, जिससे न केवल मिट्टी की सेहत सुधरेगी, बल्कि आमजन को भी शुद्ध और पौष्टिक भोजन प्राप्त होगा। इस अवसर पर राज्यपाल ने आर्य समाज बनौंदी के लिए दो लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा भी की।
रासायनिक खाद से बंजर हो रही धरती : किसानों को संबोधित करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि अंधाधुंध रासायनिक खाद और कीटनाशकों के प्रयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति लगातार कम हो रही है। उन्होंने प्राकृतिक खेती के लाभ गिनाते हुए कहा कि इसमें लागत शून्य है और उत्पादन बेहतर है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जिस प्रकार जंगलों में बिना किसी खाद या सिंचाई के पेड़-पौधे लहलहाते हैं, प्राकृतिक खेती भी उसी सिद्धांत पर आधारित है। देसी गाय के एक ग्राम गोबर में करोड़ों लाभदायक जीवाणु होते हैं, जो मिट्टी को उपजाऊ बनाने में सहायक हैं।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र में मिलेगा नि:शुल्क प्रशिक्षण : राज्यपाल ने बताया कि जो किसान इस तकनीक को सीखना चाहते हैं, वे गुरुकुल कुरुक्षेत्र में आकर नि:शुल्क प्रशिक्षण ले सकते हैं। वहां पिछले नौ वर्षों से 200 एकड़ भूमि पर बिना किसी रासायनिक खाद के सफल खेती की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि गुजरात में लगभग आठ लाख और हिमाचल प्रदेश में भी बड़ी संख्या में किसान इस पद्धति को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी निरंतर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं।