अंबाला सिटी: शंभू बार्डर पर लंगर वितरित करते हुए। संवाद।
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शंभू बार्डर पर ठंड, बारिश और शीत लहर के बीच किसानों को आंदोलन निरंतर जारी है। किसानों ने 6 के प्रस्तावित चक्का जाम को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि इस दौरान एंबुलेंस, आर्मी और शादी की गाड़ी को नहीं रोका जाएगा, लेकिन अंबाला-अमृतसर और अंबाला हिसार और कड़ासन में पंचकूला नेशनल हाइवे को जाम किया जाएगा। दूसरी तरफ वीरवार को दिल्ली से पहुंचे जिला प्रधान मलकीत सिंह ने नई जान डाल दी। जिला प्रधान को शंभू बार्डर पर देख किसानों में एक अलग ही उत्साह भर गया। शंभू बार्डर पर आंदोलन की कमान उप प्रधान गुलाब सिंह ने भी उनका स्वागत किया। जिला प्रधान ने कहा कि अंबाला में किसानों की ओर से शंभू बार्डर पर अमृतसर दिल्ली हाईवे को जाम किया जाएगा तो कड़ासन में पंचकूला रोड पर तीन घंटे के लिए जाम लगाया जाएगा।
विज के बयान पर बोले किसान, हम तो बातचीत को तैयार
गृह मंत्री अनिल विज के द्वारा ट्वीट कर कहा गया है कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। ऐसे में किसानों को चक्का जाम के आह्वान को वापस लेना चाहिए। इस पर भाकियू उप प्रधान गुलाब सिंह ने कहा कि हम तो बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन सरकार ही आनाकानी कर रही है। जैसे ही सरकार कृषि कानून वापस ले लेती है तो हम बिना किसी देरी के सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं। हम तो हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज को भी कहते हैं कि वह सरकार से कृषि कानून वापस लेने की बात कह दें। जैसे ही कृषि कानून वापस होते हैं तो हम 6 फरवरी को होने वाला चक्का जाम तो टाल ही देंगे बल्कि केवल एक घंटे के अंदर अंदर सभी बार्डर खाली कर घर को लौट आएंगे।
बारिश के बाद शंभू बार्डर पर पहुंचे 500 से अधिक किसान
शीत लहर और बारिश के बीच भी किसानों की संख्या शंभू बार्डर पर कम नहीं हुई। वीरवार को भी आम दिनों की तरह किसान शंभू बार्डर पर पहुंचे। किसान नेताओं की माने तो 500 से अधिक किसान शंभू बार्डर पर इतनी ठंड और बारिश होने के बाद भी पहुंचे हैं, जो कि किसानों के इस जज्बे को बयां करता है। उन्होंने कहा कि किसानों का जोश इस कदर है कि चाहे तूफान भी आ जाए फिर भी किसान शंभू बार्डर पर डटे हुए दिखाई देंगे।