फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल में युवक की मौत, परिजनों ने किया हंगामा

विज्ञापन
अंबाला सिटी: ट्रामा सेंटर की ओर बढ़ते परिजनों को रोकने का प्रयास करती पुलिस। - संवाद। - फोटो : Ambala
विज्ञापन
खरपतवार पीने से उपचार के दौरान शिवालिक कॉलोनी के 21 वर्षीय संधीर गिरी की मौत हो गई। युवक की मौत से गुस्साए परिजनों ने जिला नागरिक अस्पताल में डॉक्टर पर लापरवाही और अभद्रता का आरोप लगाते हुए बवाल किया। गुस्से में ट्रामा सेंटर में डॉक्टर पर हमला करने का भी प्रयास किया, जोकि पुलिस के बीच-बचाव से बच गया। इस दौरान सहयोगियों और पुलिस में धक्का-मुक्की भी हुई। किसी अप्रिय घटना को टालने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। वीरवार दोपहर से लेकर शाम सात बजे तक अस्पताल में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। देर शाम तक चले घटनाक्रम में परिजन आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के तत्काल निलंबन की मांग पर अड़ गए। तब तक शव को पोस्टमार्टम रूम में नहीं लेकर जाने दिया। शुक्रवार को मृतक का पोस्टमार्टम बोर्ड द्वारा करवाया जाएगा।
विज्ञापन

घटनाक्रम के दौरान बलदेवनगर थाना प्रभारी हमीर सिंह, कोतवाली प्रभारी रामकुमार, सदर थाना प्रभारी सुरेश सैनी और सेक्टर-9 थाना प्रभारी एसआई सुरेश कुमार, चौकी नंबर एक इंचार्ज कर्मबीर दल-बल के साथ स्थिति सामान्य होने तक मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान पूर्व मेयर रमेश मल, भाजपा नेता अमन सूद भी मौके पर पहुंचे।
यूं चला घटनाक्रम
जानकारी ने अनुसार यह मामला वीरवार करीब तीन बजे का है। जब न्यू शिवालिक कालोनी के 21 वर्षीय संधीर गिरी को उसका भाई मनीष गंभीर हालत में अस्पताल लाया। उपचार के दौरान संधीर के ब्लड सैंपल लेने के अलावा गेस्टिक लॉग प्रणाली के माध्यम से पेट से पानी निकाला गया। करीब पौना घंटा चले उपचार के बावजूद उसको बचाया नहीं जा सका। उसने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन

मौत का पता चलते ही परिजनों के रूदन से माहौल गमगीन हो गया। कुछ ही समय बाद माहौल तनाव मय हो गया। पहले मनीष और बाद में उसके साथ आए सहयोगियों ने ट्रामा सेंटर में घुसकर डॉक्टर पर हमले की कोशिश की लेकिन रास्ते में पुलिस के होने के कारण प्रयास में सफल नहीं हो सके।
मृतक के भाई ने लगाए आरोप
मनीष ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने उससे अभद्र व्यवहार किया, उसे मास्क लाने को कहा, उसे मारने के लिए आया और मास्क लगाने के बावजूद उसकी एक नहीं सुनी। लापरवाही को मौत का कारण बताते हुए निलंबित करने की मांग की। मनीष के अनुसार संधीर ने संदिग्धावस्था में कोई जहरीला पदार्थ पी लिया था। यदि डॉक्टर सही उपचार करते तो वह बच सकता था। संधीर को समय पर रेफर नहीं करने के भी आरोप हैं।
डॉक्टर ने नकारे तमाम आरोप
वहीं, मौके पर डॉक्टर संजय के अनुसार मरीज को गंभीर हालत में लाया गया था। क्लीनिकल एक्सपीरिंयस के जरिए मुझे आभास हुआ कि युवक ने कोई जहरीला पदार्थ पीया हुआ है। इसके बाद मैने तुरंत उपचार शुरू कर दिया। जहर का पता लग सके इसके लिए मरीज का पहले ब्लड सैंपल लिया, उसके बाद तत्काल गेस्टिक लॉग से पेट का पानी निकाला, ताकि जहर का असर कम किया जा सके। उसके बाद मनीष ने संधीर द्वारा पी गई दवा की फोटो दिखाई, जोकि खरपतवार था। इस दौरान मरीज को हर जरूरी दवा दी गई ताकि वह कुछ समय के लिए संभल जाए। क्योंकि हम मरीज को तब तक रेफर नहीं कर सकते जब तक उसकी स्थिति में सुधार न हो। नियमानुसार उन्होंने मरीज को चंडीगढ़ के सेक्टर-32 जनरल अस्पताल रेफर किया था लेकिन इसी बीच उसकी मौत हो गई। उनके पास किसी को भी प्राइवेट अस्पताल में रेफर करने का अधिकार नहीं है। यदि मरीज को एकदम से रेफर कर देते तो वह घातक हो सकता था, इसलिए सबसे पहले उसे उचित इलाज दिया गया। लापरवाही के आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं।
जहरीला पदार्थ खाने से मौत के मामले में परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं, लेकिन अभी तक कोई शिकायत नहीं दी। पोस्टमार्टम के दौरान शिकायत देने की कही है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विज्ञापन

- राम कुमार, कोतवाली प्रभारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें