अंबाला सिटी। शंभू की दूसरी तरफ किसान और पुलिस प्रशासन आमने-सामने थे। वहीं, हरियाणा की तरफ भी पंजाब के मोगा से किसानों का समर्थन करने पूर्व सैनिक पहुंचे।
सबका सैनिक वेलफेयर संगठन की ओर से पहुंचे कैप्टन बिकर सिंह ने बताया कि वे लोग लुधियाना से गलत ट्रेन चढ़ गए थे। इसलिए उन्हें अंबाला उतरना पड़ा। अब हम लोग शंभु बार्डर पर जाएंगे और किसानों का साथ देते हुए समर्थन करेंगे। पुलिस ने उन्हें समझाया और वापिस गांव के रास्ते से सीमा पर जाने को कहा।
इधर बैरिकेडिंग के कारण स्थानीय लोगों को भी परेशानी बनी रही। ग्रामीण रास्तों पर भी बैरिकेडिंग के कारण लोगों को पंजाब जाने में परेशानी हुई। कुछ ही दिन पहले सरकार के निर्देशों पर पुल तक बैरिकेडिंग हटाई गई थी। दिल्ली पैदल कूच की घोषणा के बाद से ही पुलिस ने जगह-जगह बैरिकेड लगा दिए है। इसलिए वाहन चालक सीधे ही बैरिकेड के पास आते नजर आए। जिन्हें पुलिस ने वापस भेजा।
नदी का रास्ता भी किया बंद
अंबाला सिटी निवासी हरनेक सिंह ने बताया कि वह रोजाना पुल के पास से ही राजपुरा की ओर जा रहा था। पुलिस ने उसे अलग चंडीगढ़ रोड की तरफ भेज दिया।
चंडीगढ़ से जाना पड़ेगा अमृतसर
गाजियाबाद निवासी मोहित ने बताया कि वह अपने दोस्त के साथ अमृतसर किसी समारोह में जा रहा था। जब वह अंबाला से पंजाब की ओर मुड़ा तो उसे पता चला कि यहां पर सभी रास्ते बंद हैं। अब उसे भी चंडीगढ़ के रास्ते ही अमृतसर जाना पड़ेगा।
हिमाचल जाना था
मेरठ निवासी नीरज ने बताया कि उसे हिमाचल के कुल्लू जाना था। रास्ते में शंभू की तरफ मुड़ गया। यहां पता चला कि इधर के सभी रास्ते बंद है।अब उसे जीरकपुर के रास्ते ही हिमाचल जाना पड़ेगा।
गूगल मैप ने सीमा पर पहुंचाया
महाराष्ट्र के पूणे शहर का रहने वाला पार्थ राव ने बताया कि वह अपने दोस्त के साथ बद्दी जा रहा था। गूगल मैप ने यह रास्ता दिखाया। यहां पहुंचने पर पुलिस ने उन्हें वापिस भेज दिया। अब वह चंडीगढ़ से बद्दी की तरफ जाएगा।