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Ambala News: यूरिया की किल्लत झेल रहे किसान, मांग ढाई हजार की, मिल रहे 327 थैले

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महेन्द्र प्रताप सिंह लिपिक, गदौली सहकारी समिति।
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अंबाला/शहजादपुर। यूरिया की किल्लत झेल रहे किसानों को अभी कुछ राहत मिलती दिखाई दे रही है। लेकिन इस बात से किसान नाखुश नजर आ रहे हैं। नारायणगढ़ के गदौली सहकारी समिति में पहुंचा यूरिया किसानों को वितरित किया जा रहा है, बावजूद किसानो में अभी भी रोष उत्पन्न हो रहा है। किसान संजीव कुमार, रोशन, सुखदेव सिंह, महिंद्र पाल, विशपाल आदि ने बताया कि यूरिया की काफी किल्लत है। किसानों को जब खाद डालनी चाहिए था, तब नही मिली तो उस समय क्या हालात होंगे।
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किसान विशपाल ने बताया कि सुबह 7 बजे से कतार में खड़े हैं और दोपहर को चार घंटे बाद एक थैला यूरिया का मिला है। बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है।



किसान रोशल लाल ने बताया कि बहुत ज्यादा किल्लत हो रही है। खाद क्यों नहीं आ रही है, हमें तो इस बारे भी कुछ पता नहीं है। विभाग को सप्लाई तेज करनी चाहिए।


गदौली सहकारी समिति सदस्य संजीव कुमार ने बताया कि उन्होंने डिमांड अधिकारियों को पहले ही भेजी हुई है। यहां 2500 से लेकर 2800 थैलों की जरूरत है, लेकिन 325 ही थैले आए हैं। इस बारे में इफको के अधिकारी गुरदीप सिंह से भी बात की कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।


किसान सुखदेव सैनी का कहना था कि सरकार को पहले ही डिमांड के अनुसार खाद भेजनी चाहिए थी। उनका गांव गदौली जिले का शायद सबसे बड़ा गांव है। इतने यूरिया से क्या होगा जबकि इसका रकबा बड़ा है।
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गदौली सहकारी समिति के लिपिक महेंद्र प्रताप सिंह का कहना था कि डिमांड भेजी हुई है जोकि यहां समिति की डिमांड दो हजार से 25 सौ थैलों की है। अभी उनके पास 325 थैले ही आए हैं। इससे पूर्व मई महीने में 600 थैले आए थे। सभी को एक आधार कार्ड पर एक थैला यूरिया दिया जा रहा है।

महेन्द्र प्रताप सिंह लिपिक, गदौली सहकारी समिति।

महेन्द्र प्रताप सिंह लिपिक, गदौली सहकारी समिति।

महेन्द्र प्रताप सिंह लिपिक, गदौली सहकारी समिति।

महेन्द्र प्रताप सिंह लिपिक, गदौली सहकारी समिति।

महेन्द्र प्रताप सिंह लिपिक, गदौली सहकारी समिति।

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