अंबाला सिटी। गेंहू की बिजाई शुरू हो गई है। किसान गेहूं की फसल के लिए डीएपी लेने के लिए सरकारी दुकानों के साथ- साथ निजी दुकानों के भी चक्कर काटने को मजबूर हैं।
अंबाला सिटी की किसी भी खाद बीज की दुकानों पर डीएपी खाद नहीं है। दूसरी ओर डीएपी खाद न मिलने के कारण किसानों के खेतों की नमी भी सूख चुकी है।किसान डीएपी प्राप्त करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
कई किसान तो अन्य जगह पर फोन के माध्यम से अपने रिश्तेदारों से भी डीएपी के मिलने की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं लेकिन हर जगह डीएपी खाद न होने की सूचना मिल रही है।
सरकार ने प्रमुखता से नहीं लिया मामला
किसान गुलजार ने बताया कि उन्हें 20 एकड़ गेहूं की बिजाई करनी है लेकिन बिना डीएपी के वह जगह-जगह धक्के खा रहे हैं। सरकार ने भी किसानों की इस समस्या को प्रमुखता से नहीं लिया है।
एनपी खाद खरीदी
किसान मनजीत सिंह ने बताया कि उन्हें डीएपी के अभाव में एनपी खाद लेना पड़ा। जिसमें पोटाश की मात्रा ज्यादा है। जो गेहूं की पैदावार ज्यादा नहीं दे पाता।
आंदोलन ही सहारा
किसान हरदीप सिंह ने बताया कि कृषि प्रधान देश में भी खेती-बाड़ी में काम आने वाले डीएपी खाद को सरकारें नहीं उपलब्ध करवा पाती है। ऐसे में किसान आंदोलन न करें तो क्या करें।
डीएपी की उम्मीद छोड़ी
किसान अमरीक सिंह ने बताया कि वह डीएपी खाद के मिलने की तो उम्मीद ही छोड़ चुका है। उसे तो एनपी खाद भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा। उन्हें लगता है कि शायद बिना खाद के ही गेहूं की बिजाई करनी पड़े। वह इस खाद की लेट लतीफ का ठीकरा सरकार पर ही फोड़ता है।
वर्जन
मांग अधिक होने के कारण सरकारी दुकानों पर डीएपी समाप्त हो गया है। मंगलवार को 32 हजार डीएपी बैग आएंगे। इसके बाद 10 नवंबर को भी डीएपी की सप्लाई आएगी। जिला अंबाला में निजी दुकानों पर अभी भी तीन हजार एमटी डीएपी पड़ा हुआ है। जिला अंबाला में सरसों और आलू की फसल बिजी जा चुकी है। गेहूं की फसल भी 30 प्रतिशत बिजी जा चुकी है।
डॉ. जसविंद्र सिंह, डीडीए कृषि विभाग अंबाला।
किसान गुलजार सिंह।
किसान गुलजार सिंह।
किसान गुलजार सिंह।