बराड़ा। अनाज मंडी में गेहूं खरीद के दौरान बुधवार को व्यवस्थाएं उस समय लड़खड़ा गईं, जब बायोमेट्रिक प्रणाली अचानक ठप हो गई। गेट पास जारी न होने के कारण मंडी के मुख्य द्वार पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग गईं। गर्मी में घंटों इंतजार करने के बाद जब सब्र का बांध टूटा, तो आक्रोशित किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सुबह से ही बायोमेट्रिक मशीन और संबंधित वेबसाइट में तकनीकी खामी आने के कारण करीब 50 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गेट पर ही फंस गईं। किसान आशु राणा, शेखर थंबड़ और संजीव ने बताया कि धूप में घंटों खड़े रहने के बावजूद उनकी सुध नहीं ली गई। स्थिति बिगड़ती देख और सड़क पर जाम लगने के बाद विभाग ने मैनुअल तरीके से पर्चियां काटनी शुरू कीं, जिसके बाद वाहनों को मंडी में प्रवेश मिल सका।
भीतर भी बदइंतजामी, न जगह, न बारदाना
मंडी के अंदर भी हालात संतोषजनक नहीं हैं। आढ़ती मनजीत सिंह ने बताया कि समय पर गेहूं का उठान न होने के कारण मंडी बोरियों से पूरी तरह भर चुकी है, जिससे नई फसल उतारने की जगह नहीं बची है। इसके अलावा बारदाने की कमी भी तुलाई कार्य में बड़ी बाधा बन रही है। एक ओर सरकार डिजिटल इंडिया के दावे करती है, वहीं जमीनी स्तर पर तकनीकी खामियों का खामियाजा अन्नदाताओं को भुगतना पड़ रहा है।
मार्केट कमेटी सचिव राहुल मेव ने बताया कि बायोमेट्रिक प्रणाली में सुबह से तकनीकी दिक्कत थी, जिसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई थी। किसानों की सुविधा के लिए फिलहाल मैनुअल गेट पास जारी करने की अनुमति दी गई है। मंडी में बारदाने या अन्य सुविधाओं की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।