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Ambala News: किसानों और एनएचएआई की बनी सहमति, जलभराव से लेकर खेतों के लिए मिलेगा रास्ता

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अंबाला। अंबाला रिंग रोड और अंबाला शामली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर किसानों और एनएचएआई का टकराव शुक्रवार को सुलझ गया। एसडीएम कैंट और एनएचएआई के अधिकारियों ने किसानों के साथ दो घंटे तक मौके का मुआयना किया, इसमें किसानों ने जलभराव, खेतों को रास्ता न देने जैसे स्थानों पर अधिकारियों को हालात दिखाए। इसके बाद अधिकारियों ने मंथन कर किसानों को एक खेत से दूसरे खेत में जाने के लिए रास्ता देने पर सहमति जता दी, इसके साथ ही जलभराव के उपाय भी करने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया और एनएचएआई ने दो महीने बाद काम दोबारा से शुरू कर दिया है।
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सपेहड़ा से सद्दोपुर तक निकालेगी एनएचएआई समाधान



अंबाला रिंग रोड परियोजना और अंबाला-शामली राष्ट्रीय राजमार्ग आपस में मिल रहे हैं। शुक्रवार को दाेपहर साढ़े 12 बजे एसडीएम विनेश कुमार एनएचएआई के अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। यहां से भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी गुट के जिला प्रधान मलकीत सिंह के साथ अधिकारी सपेहड़ा में विभिन्न स्थानों पर पहुंचे। मलकीत सिंह ने दिखाया कि पिछले दिनों आई बारिश से किसानों की फसल जलमग्न होकर खराब हो गई हैं। उन्होंने बताया कि सपेहड़ा से लेकर सद्दोपुर तक ऐसा ही फसलों को नुकसान हुआ है। अभी भी पानी खेतों से निकला नहीं है। ऐसे में एनएचएआई के अधिकारियों ने कहा कि इन स्थानों पर वह लाइन डालने का काम करेंगे, भविष्य में यह दिक्कत नहीं आएगी।



खेतों में आने जाने के लिए देंगे रास्ता



किसानों ने दिखाया कि रिंग रोड में उन्होंने जमीन सरकार को दी है। रिंग रोड के दोनों तरफ उनके खेत पड़ रहे हैं और इसे पार करने का कोई रास्ता नहीं है, ऐसे में किसान अपने खेतों में कैसे जाएंगे। इस पर अधिकारियों ने विशेष स्थानों को चिह्नित कर वहां से निकलने का रास्ता देने का आश्वासन दिया है। मगर यह विकल्प उन्हीं स्थानों पर होगा जहां दोनों तरफ संबंधित किसान के खेत हैं।
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डेढ़ किलोमीटर तक फंसा था पेंच, 65 प्रतिशत हुआ है काम



अंबाला रिंग रोड परियोजना और अंबाला-शामली राष्ट्रीय राजमार्ग को इस साल एनएचएआई को हर हाल में पूरा करना है। अंबाला-शामली राष्ट्रीय राजमार्ग तो भारतमाला परियोजना का हिस्सा है, जिसकी पीएमओ निगरानी कर रहा है। रिंग रोड पर 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। बीते दो महीनों से सपेहड़ा में डेढ़ किलोमीटर के हिस्से के काम को इन समस्याओं के कारण किसानों ने रोक दिया था, जिसका अब समाधान हो गया है।
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पीड़ित किसान बोले: पहले कोई सुनने को तैयार नहीं था



मेरा खेत के बीच से रिंग रोड परियोजना गई है। अब हम अपने खेत में नहीं जा पा रहे हैं। रिंग रोड के दोनों तरफ खेत हमारा पड़ता है।
-राजेंद्र, सपेहड़ा


रिंग रोड के बनने के बाद से खेतों में पानी भरा हुआ है। यहां जलभराव के लिए स्थायी समाधान चाहिए, वहीं सर्विस लेन बन जाए तो काफी अच्छा होगा।
-सतपाल, रतनहेड़ी


किसानों की समस्याओं पर गौर करते हुए मंथन करने के बाद समाधान दे दिया है। अब परियोजना पर काम शुरू हो गया है।
-विशाल, डीएम, एनएचएआई



अधिकारियों ने समाधान का आश्वासन दे दिया है। हमारी मांगों पर सहमति बन गई है। अब वह कार्य कर सकते हैं।
-मलकीत सिंह, जिला प्रधान, भाकियू, चढूनी
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