किसानों की महापंचायत को संबोधित करते प्रशासनिक अधिकारी।
नारायणगढ़। भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट की ओर से गन्ने की लगभग 101 करोड़ रुपये बकाया पेमेंट दिलवाये जाने की मांग को लेकर नारायणगढ़ शुगर मिल के सामने किसानों की महापंचायत हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एसडीएम नारायणगढ़ मीनाक्षी दहिया, डीएसपी नारायणगढ़ अमित भाटिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। किसान महापंचायत में नारायणगढ़ की पूर्व एसडीएम अदिति भी मौजूद रहीं। उन्होंने किसानों को शुगर मिल से उनकी बकाया पेमेंट दिलवाने के लिए प्रशासन द्वारा अपने कार्यकाल में गए प्रयासों के बारे में जानकारी दी।
एसडीएम मीनाक्षी दहिया ने किसानों से कहा कि प्रशासन किसानों की पेमेंट दिलवाने के लिए प्रयासरत है। शुगर मिल मालिक की ओर से तीन बातें सामने आई हैं। इन तीन बातों में शुगर मिल मालिक ऑफ सीजन में अपना पावर प्लांट चला सके, हरको बैंक शुगर मिल को ऋण दे और हरको बैंक शुगर मिल की नोएडा वाली जमीन को बैंक गारंटी के रूप में रख ले। मगर हरियाणा से बाहर की जमीन होने के कारण इसके लिए हरको बैंक तैयार नहीं है। एसडीएम ने कहा कि इन तीनों बातों का हल कैबिनेट की मीटिंग में हो सकता है। इसलिए किसानों को थोड़ा समय देना होगा।
एसडीएम के देरी से पहुंचने पर नाराज हुए किसान
इस दौरान एसडीएम मीनाक्षी दहिया और प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह के बीच किसी विषय पर बहस हो गई, जिसके बाद किसानों ने एसडीएम से बातचीत करने से इंकार करते हुए उन पर मामले को बिगाड़ने का आरोप लगाया। इसके बाद एसडीएम ने सप्ताह में मीटिंग करने की बात कही जिसे प्रदेशाध्यक्ष ने नकार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार नारायणगढ़ शुगर मिल का ऋण मंजूर करवा दे ताकि किसानों की बकाया पेमेंट हो सके। नहीं तो 22 अगस्त को चंडीगढ़ हाईवे जाम कर दिया जायेगा। इस दौरान एसडीएम को भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी व अन्य किसानों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। चढूनी ने एसडीएम पर देरी से पहुंचने का व अच्छा व्यवहार न करने का आरोप लगाया।