भाजपा समर्थक बुजुर्ग भरत सिंह की मौत पर राजनीति गरमा गई है। एक तरह भाकियू गुणी गुट का आरोप है कि साजिश के तहत भरत की हत्या हुई है।वहीं भारतीय किसान यूनियन रतनमान गुट ने पूरे प्रकरण की निष्पक्षा से जांच करवाने और जांच पूरी होने तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं करने की मांग की है।
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सांसद पर थी हमले की योजना: गुणी प्रकाश
भारतीय किसान यूनियन ( गुणी ) के प्रदेश अध्यक्ष गुणी प्रकाश ने भरत सिंह राणा की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ये दुखद घटना है। इसको लेकर गुरनाम सिंह चढूनी के लोगों की वह निंदा करते हैं। भरत सिंह उनका किसान भाई थे जो शुगर मिल के आंदोलन में उनके साथ रहे। भरत सिंह राणा की मौत हार्ट अटैक से नहीं बल्कि सोची समझी साजिश के तहत हुई है। उनका कहना है कि हमलावर सांसद पर हमला करना चाहते थे। अगर गुरनाम सिंह चढूनी के ऊपर पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो सोमवार को एसडीएम का घेराव किया जाएगा।
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एसपी के तबादले की मांग
उधर बसपा से एमएलए का चुनाव लड़ चुके मदनपाल राणा ने कहा कि बुधवार जो भी हुआ वह पुलिस प्रशासन की नाकामी थी। मैं सीएम से मांग करता हूं कि एसपी राजेश कालिया का तबादला किया जाए। भरत सिंह को शहीद घोषित कर परिवार को मुआवजा दिया जाए।
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राजनीतिक दबाव में किया केस दर्ज
भरत सिंह की प्राकृतिक मौत को हत्या दर्शाकर राजनीतिक दवाब में प्रशासन क्या साबित करना चाहता है? झूठे मुकदमों से किसे खुश करना चाहते हैं? यह बात के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं पूर्व विधायक रामकिशन गुर्जर ने बात करते हुए कहा कि गांव बड़ागढ़ के किसान भरत सिंह के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त करते हुए कही। किसान शांतिपूर्ण ढंग से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही वीडियो में साफ दिख रहा कि किसी ने कोई मारपीट नहीं की। ऐसे में हत्या के मुकदमे कैसे दर्ज किये गए? इस घटना की सीबीआई से जांच कराई जाए।
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निष्पक्षता से हो जांच, किसानों को फंसाया तो देंगे साथ
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। बिना जांच के किसी भी किसान की गिरफ्तारी की गई तो यूनियन बर्दाश्त नहीं करेगी। किसानों के साथ नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं होगी।