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अभी और देनी होंगी कुर्बानियां : चढू़नी

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भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के अंबाला पहुंचने के चलते पुलिस और प्रशासन की चार घंटे धड़कने तेज रहीं। गुरनाम सिंह ने दोपहर एक बजे शंभू बार्डर पर पहुंचना था, लेकिन वह चार बजकर 23 मिनट पर वहां पहुंचे। जब तक चढूू़नी शंभू बार्डर नहीं आए खुफिया तंत्र पूरी तरह से अलर्ट रहा। साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल भी शंभू बार्डर पर डटा रहा। शाम करीब 5 बजकर 01 मिनट पर चढू़नी ने भाषण शुरू किया तो किसानों में जोश भर दिया। चढू़नी ने किसान आंदोलन को धर्मयुद्ध करार दिया। उन्होंने कहा कि यह धर्मयुद्ध लोगों को भुखमरी से बचाने के लिए लड़ा जा रहा है। इस धर्मयुद्ध में अभी तक 200 जान जा चुकी हैं। अभी और भी कुर्बानियां होंगी और हो सकती हैं, क्योंकि रोजाना 2 जान जा रही हैं। इनके अलावा कुछ आत्महत्या भी कर चुके हैं। हमारी लड़ाई केवल जिंदा रहने की है। इसके लिए आरपार की लड़ाई लड़नी होगी।
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आंदोलन को सफल बनाने के लिए अंबाला के किसान नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जिले के करीब 499 गांव में से ज्यादातर गांव से भाकियू को खुला समर्थन भी मिल रहा है। इतना ही नहीं भाकियू ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए बही खाता तक तैयार कर लिया है, ताकि एक-एक का हिसाब-किताब रखा जा सके। इसी बही खाते के अनुसार किसान आंदोलन में जिले के करीब 10 ऐसे गांव के नाम की लिस्ट तैयार की गई है, जिनसे भाकियू को अभी तक कोई समर्थन नहीं मिला। अलबत्ता इन गांव में किसान नेता चूड़ियां लेकर जाएंगे। जी हां भाकियू ने ऐसी योजना तैयार की है। लेकिन यह सब किसान आंदोलन की जीत के बाद किया जाएगा। भाकियू जिलाध्यक्ष मलकीत सिंह ने शंभू बार्डर पर किसानों को संबोधित करते हुए यह बात कही। मलकीत ने कहा कि 500-400 रुपये की चूड़ियां इन गांव में रहने वालों को दी जाएंगी, ताकि उन्हें एहसास करवाया जा सके।
कहा नौकरी पेश वर्ग और महिलाएं भी घर में बैठकर दे सकती हैं साथ
इस दौरान भाकियू प्रवक्ता अमरजीत सिंह ने कहा कि नौकरी पेशा वर्ग, महिलाएं, दुकानदार हमारा साथ देना चाहती हैं, लेकिन उन्हें अपने-अपने काम भी करने हैं इसीलिए वह यहां नहीं आ सकती। ऐसे में वह घर पर रहते हुए भी हमारा साथ दे सकते हैं। इसके लिए पांच बातों पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले जो टीवी देखते हैं उन्हें उन चैनल का बहिष्कार करना होगा जो किसान आंदोलन को कमजोर कर रहे हैं। इसके बाद रिलायंस के प्रोडक्ट खरीदने बंद करने होंगे। तीसरा बाबा रामदेव के कोई भी प्रोडक्ट न खरीदें। अडानी-अंबानी के जितने भी प्रोडक्ट हैं उनका बहिष्कार करें और सामान खरीदने से पहले उन पर जरूर देखें यह अडानी-अंबानी को तो नहीं है। 5वां हमें आनलाइन खरीद बंद करनी होगी।
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