इंको के पास रेलवे अंडरपास से गुजरने वाले लोगों का सफर और आसान होगा। अंडरपास की सालों से बंद पड़ी दो लेन को खोलने का काम शुरू हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से ये काम टाटा की जीएमआर कंपनी को अलॉट किया है। करीब छह महीने में यह काम पूरा हो जाएगा। साथ ही बरसाती सीजन में अंडरपास की खुली दोनों लेन पर जलभराव की समस्या का भी स्थायी समाधान हो जाएगा। बंद लेन खुलने का सबसे बड़ा फायदा तीन सेक्टर्स के लोगों को होगा। कई गांवों के साथ डीसी ऑफिस व कोर्ट जाने वाले लोगों को भी यहां से गुजरने में बड़ी राहत मिलेगी।
तोड़ा गया है मजार का बड़ा हिस्सा
रेलवे अंडरपास की बंद पड़ी दोनों लेन को खोलने के लिए कई महीने से कार्रवाई चल रही है। इसके लिए सबसे पहले लेन के बिल्कुल सामने पीर की मजार का बड़ा हिस्सा तोड़ा गया। हालांकि लेन के रास्ते में पूरी मजार आ रही है लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए मजार का एक हिस्सा छोड़ दिया गया। अब उसी हिस्से को बचाकर दोनों लेन का रास्ता खोला जाएगा। कंपनी की ओर से यहां अब खुदाई शुरू कर दी गई है। यहां जमा होने वाले पानी की समस्या का स्थायी बंदोबस्त किया जा रहा है। कंपनी अधिकारियों की मानें तो अगले बरसाती सीजन में यहां पानी की एक बूंद भी जमा नहीं हो पाएगी।
ट्रैफिक जाम न हो चौड़ी की गई सड़क
काम के दौरान अंडरपास के पास ट्रैफिक जाम न हो इसके लिए पहले बंदोबस्त किए गए हैं। कंपनी ने पहले यहां खुली लेन की ओर की सड़क को चौड़ा किया है। सड़क चौड़ी होने से अब वाहन बेहद आसानी से गुजर रहे हैं। हालांकि अंडरपास से हैवी ट्रैफिक गुजरना संभव नहीं है। लेकिन शहर की बड़ी आबादी इसी रास्ते का इस्तेमाल करती है। लंबे समय से बंद पड़ी लेन को खोलने की मांग हो रही थी।
रात में फंस गई थी कार
अंधेरे की वजह से कई बार अंडरपास के पास बंद पड़ी लेन में वाहन घुस चुके हैं। करीब छह महीने पहले एक चालक बंद पड़ी लेन में सीधे कार लेकर घुस गया था। मुश्किल से उसे बाहर निकाला गया था। इसके लिए कई घंटे तक चालक को कार में बंद रहना पड़ा। क्योंकि लेन में कार की विंडो तक खोलने की जगह नहीं थी। इसी वजह से कार चालक की जान कई घंटे तक आफत में फंसी रही।
तीन सेक्टर के लोगों को फायदा
वैसे तो इंको के पास रेलवे के अंडरपास का इस्तेमाल बड़ी आबादी करती है। मगर मुख्य तौर पर सेक्टर-8, 9 व 10 के अलावा जंडली, कौंला व इन गांवों के पास बसी दर्जनों कॉलोनियों के लोग नियमित तौर पर करते हैं। इस अंडरपास से रोज डीसी, एडीसी व कोर्ट जाने वाले लोग भी बड़ी संख्या में इस्तेमाल करते हैं। हिसार रोड पर पड़ने वाले कई गांवों के लोग भी इसी रास्ते से होकर निकलते हैं। अंडरपास की दो नई लेन खुलने के बाद इन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि हर बरसाती सीजन में अंडरपास से गुजरना मुश्किल हो जाता है। क्योंकि सीजन में यहां तीन से चार फुट तक पानी जमा हो जाता है। इसी वजह से यहां लंबा जाम लगता है। पानी की वजह से छोटे बड़े वाहनों को भी नुकसान होता है।
रेलवे अंडरपास के पास बंद पड़ी दो लेन को खोलने का काम शुरू हो गया है। करीब छह महीने में दोनों लेन से ट्रैफिक निकलनी शुरू हो जाएगी। अभी मजार का और हिस्सा नहीं तोड़ा जाएगा। इसके साथ ही नई सड़क निकाली जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से हमारी कंपनी को ऐसे कई अंडरपास का काम अलॉट हुआ है।
राजीव दहिया, एचआर हेेड, टाटा जीएमआर