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नौनिहालों और गर्भवती महिलाओं को वितरित किया एक्सपायरी दूध

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माई सिटी रिपोर्टर
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अंबाला। जिले में आंगनबाड़ी में पंजीकृत सैकड़ों नौनिहालों व गर्भवती महिलाओं को एक्सपायर हो चुके स्किम्ड मिल्क पाउडर के आधा किलो के पैकेट थमा दिए गए। कुछ मासूमों और महिलाओें ने तो इस दूध का सेवन तक कर लिया है। जब उल्टी इत्यादि की शिकायतें होने लगी तो कुछ शक हुआ। पैकेट पर अंकित दूध बनाने और उसे पैक करने की तारीख व खराब होने की तारीख देखी तो उनके होश ही उड़ गए। दरअसल जो पैकेट मासूमों और उनके परिजनों को थमाए गए हैं वह 22 मई को ही एक्सपायर हो चुके हैं।
यह दूध आंगनबाड़ी केंद्रों में 28 और 29 मई को वितरित किया गया था। सभी पैकेट पर डब्ल्यूसीडी यानी महिला एवं बाल विकास विभाग की मोहर भी लगी है। हालांकि अभी यह पता नहीं चल पाया कि किस खंड में कितना एक्सपायरी दूध वितरित किया गया है। जिले में कुल 1213 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें 1 से 6 वर्ष तक के करीब 47 हजार बच्चे और करीब 13 हजार महिलाएं पंजीकृत हैं। इन सभी को स्किम्ड मिल्क देने का प्रावधान है।
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क्या है योजना
प्रदेश में गर्भवती महिलाओं और 1 से 6 साल के बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए गत वर्ष सरकार ने स्किम्ड मिल्क योजना शुरू की थी। इसमें प्रतिदिन प्रति बच्चे और गर्भवती महिला को सप्ताह में छह दिन 200 ग्राम दूध देने का प्रावधान किया गया। योजना के तहत प्रति बच्चे और गर्भवती महिला को प्रति माह 500 ग्राम स्किम्ड मिल्क का पैकेट प्रति माह दिया जाता है। प्रति 20 ग्राम पाउडर से 200 ग्राम दूध तैयार होता है। इस स्किम्ड मिल्क में प्रोटीन, कैलोरी, कैल्शियम, मैगनीशियम, बी-12, जैसे सूक्ष्म तत्व होते हैं। यह दूध विटामिन ए व डी युक्त होता है।
मेरा बेटे उदयराज दो वर्ष का है। उसका नाम आंगनबाड़ी में दर्ज है। उसके लिए दूध 2-3 दिन पहले ही मिला था। दूध एक्सपायर हो चुका है। घर आने के बाद ही हमने यह देखा। - हेमराज।
मेरी तीन साल की बेटी नेहा को हर महीने 500 ग्राम दूध का पैकेट मिलता है। हमने तो पैकेट खोल भी लिया था। बाद में पता चला यह तो खराब हो चुका है। इसके सेवन करने की तारीख पहले ही निकल चुकी है। - नेहा।
मेरी दो साल की बेटी चाहत को आंगनबाड़ी केंद्र से दूध दिया गया था। अप्रैल में तो दूध मिला ही नहीं था। मई महीने में आखिर में दूध दिया गया है, जो खराब हो चुका है। - निशा।
दोषी को बख्शा नहीं जाएगा : बलजीत कौर
जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर ने बताया कि मामले की जांच कराई गई है। मुख्यालय को जांच रिपोर्ट भेज दी गई है। जो भी दोषी होगा, चाहे वह सीडीपीओ हो या फिर आंगनबाड़ी वर्कर, किसी को बख्शा नहीं जाएगी।
मामला संज्ञान में आया है। मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी से बातचीत की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जो भी जिम्मेदार अधिकारी है और जिसकी लापरवाही से ऐसा हुआ, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। - रेखा शर्मा, सीडब्ल्यूसी सदस्य।
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मेरे संज्ञान में जैसे ही मामला आया उसके बाद संबंधित डीपीओ से बातचीत कर इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। यह जांच का विषय है कि कितने बच्चों और गर्भवती महिलाओं को एक्सपायरी दूध वितरित किया गया। - डॉ. प्रतिभा सिंह, सदस्य राज्य बाल संरक्षण आयोग।
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