अपने कारनामों में लिए मशहूर नगर निगम के अधिकारियों ने एक और नए कारनामे को अंजाम दे डाला। अधिकारियों ने कर्मचारियों और ठेकेदारों से साठगांठ कर करीब डेढ़ करोड़ रुपये के टेंडर नोटिस काल कर डाले। इसके लिए 3 ठेकेदारों से कुल 9 कार्यों की अग्रिम राशि करीब 3 लाख 10 हजार रुपये भी जमा करवा ली। इन टेंडरों को अप्रूवल देते हुए तत्कालीन निगम आयुक्त और संयुक्त आयुक्त में से दोनों ने भी इस और ध्यान देना लाजमी नहीं समझा। बता दें कि उस समय निगम के आयुक्त मीनाक्षी दहिया और संयुक्त आयुक्त सत्येंद्र सिवाच थे। अब यह मामला मीडिया तक पहुंचा तो अधिकारियों व कर्मचारियों की सांसें फूल गई और इस टेंडर नोटिस को आनन-फानन में रद्द करना पड़ा। हालांकि टेंडर नोटिस कब रद्द किया गया कोई भी बोलने को तैयार नहीं है।
इन ठेकेदारों ने जमा करवाई थी अग्रिम राशि
ठेकेदार का नाम चेक संख्या राशि
भारत सेठ 000291 40 हजार
मुकेश बहल 029937 30 हजार
मुकेश बहल 029933 50 हजार
श्री नारैण इंफ्रा 028489 40 हजार
श्री नारैण इंफ्रा 028491 30 हजार
मुकेश बहल 029939 50 हजार
मुकेश बहल 029941 70 हजार
कैसे जारी किए निगम अधिकारियों ने कारनामा
23 जुलाई को नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों ने चालाकी दिखाते हुए 09 विकास कार्यों के टेंडर मैनुअल ही आमंत्रित कर लिया। इसमें अधिकारियों ने तर्क देते हुए लिखा कि तकनीकी खामी के चलते मैनुअल टेंडर आमंत्रित किए जा रहे हैं। बता दें कि करीब एक साल पहले से सरकार ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लागते हुए मैनुअल टेंडर आमंत्रित करने की प्रथा पर विराम लगाते हुए स्पष्ट निर्देश जारी किए थे कि अब हर टेंडर ऑनलाइन किया जाएगा। लेकिन निगम अधिकारियों ने इसे अनदेखा कर टेंडर आमंत्रित कर डाले।
मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है। इस मामले की जांच करवाई जाएगी। यदि ऐसा किया गया है तो इसके कारणों का पता लगाकर जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी वह की जाएगी।
शक्ति सिंह आयुक्त, नगर निगम।
मुझे लगता है कि इस मामले में कुछ कन्फ्यूजन हो रही है। जो टेंडर हमने आमंत्रित किए थे उन्हें तो हमने रद्द कर दिया था।
संदीप राज, एमई।