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7.16 करोड़ से बनी नई सीएचसी को मुहूर्त के लिए मौत का इंतजार

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exclusive - फोटो : Ambala
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शहजादपुर। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा के 5 साल 5 महीने और 17 दिन बाद भी शहजादपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सौगात का दो लाख आबादी को बेसब्री से इंतजार है। ऐसा भी नहीं है कि 7 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से बनी नई सीएचसी बनकर तैयार नहीं हुई। सीएचसी भी बन चुकी है और काम भी पूरा हो चुका है और पीडब्ल्यूडी ने इसे स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर भी कर दिया है और यहां तक सीएचसी चलाने के लिए सबसे जरूरी बिजली का मीटर भी लग गया है। लेकिन इंतजार है तो सिर्फ शुभ मुहूर्त का और शायद मुहूर्त के लिए मौत का इंतजार किया जा रहा है। उस समय निकलेगा जब मरीजों की जान जा चुकी होगी।
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वीरवार शाम को यह अनहोनी होते-होते टल गई। जब एक प्रसूता के साथ आई उसकी सास के ऊपर पंखा गिर गया। महिला घायल हो गई और आनन-फानन में उसे इंजेक्शन व प्राथमिक उपचार के बाद सीटी स्कैन के लिए अंबाला रेफर किया गया। गनीमत रही की महिला के हाथ में एक दिन का मासूम उस समय नहीं था वरना उसकी जान जानी तय थी।
जिस के सिर पर गिरा पंखा वह 24 को अपनी पुत्रवधू को लेकर आई थी
दरअसल शहजादपुर के गौरव की पत्नी अनीता को बुधवार को प्रसव पीड़ा हुई। पति गौरव अपनी मां नेमवती के साथ पत्नी को लेकर अस्पताल में पहुंचा। जहां उसकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया। मां नेमवती जच्चा-बच्चा की देखरेख के लिए अस्पताल में ही रुकी थी और वह फीमेल वार्ड में थी तो वीरवार करीब साढ़े 5 बजे उसके सिर पर चलता पंखा गिर गया।
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400 लोगों पर रोजाना खतरा
शहजादपुर की सीएचसी वर्तमान में जिस भवन में चल रही है वह डिस्पेंसरी के लिए बनाया गया था। इसके बाद इसे पीएचसी का दर्जा दिया गया फिर करीब 15 साल पहले इसे सीएचसी का दर्जा मिला। लेकिन भवन का विस्तार नहीं हो पाया। कंडम भवन और सुविधा नहीं होने के बावजूद इस सीएचसी में औसतन 400 ओपीडी होती हैं अलबत्ता इन मरीजों के साथ कंडम भवन में सेवाएं दे रहे स्टाफ की जान भी रोजाना खतरे में है।
9 अप्रैल 2015 को मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 9 अप्रैल 2015 को शहजादपुर के लोगों की दिक्कतों को देखते हुए सीएचसी शहजादपुर के नए भवन की घोषणा की थी। इसके बाद बीडीपीओ कार्यालय के साथ करीब 4 एकड़ जमीन तय की गई। सीएम की घोषणा के बावजूद सीएचसी के निर्माण में कई अड़ंगे आते गए।
30 सब सेंटर भी इसी सीएचसी पर निर्भर
शहजादपुर सीएचसी के तहत लगभग दो लाख की आबादी आती है और इसके अंतर्गत चार पीएचसी कुराली, धनाना, अम्बली और पतरेहड़ी आती हैं। लगभग 30 सब सेंटर इसी के तहत आते हैं।
13 हजार 644 वर्ग फीट एरिया किया गया कवर
4 एकड़ में बनाई गई नई सीएचसी में डॉक्टर रूम, ओपीडी, लेबोरेट्री, लेबर रूम, नर्सिंग स्टेशन, पुरुष एवं महिला वार्ड, प्रसूति वार्ड, इमरजेंसी वार्ड, मेडिसन स्टोर, एक्सरे रूम इत्यादि रूम बनाए गए हैं। इसमें डाक्टर व स्टाफ के लिए 13 क्वार्टर की व्यवस्था भी की गई है।
मैं अपनी पत्नी को लेकर यहां आया था। मेरे साथ मेरी मां भी आई थी। वह महिला वार्ड में मेरी पत्नी के साथ थी इसी दौरान उनके सिर पर पंखा गिर गया। सिर में गहरी चोट आने के कारण अंबाला में सीटी स्कैन के लिए बोला है। टांगों पर भी चोट लगी है।
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गौरव।
यदि सीएचसी शिफ्ट नहीं हो रही है तो आप आकर करवा दें। इससे ज्यादा मुझे कुछ नहीं बोलना।
-डॉ. तरुण प्रसाद, एसएमओ शहजादपुर सीएचसी।

exclusive- फोटो : Ambala

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