अंबाला। स्वास्थ्य विभाग को घटिया पीपीई किट सप्लाई करने वाली दिल्ली की मैसर्ज ऑर्चिड कॉरपोरेट सर्विसेज को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। कंपनी की ओर से विभाग को जो किट सप्लाई की थी जांच में उनकी क्वालिटी बेहद घटिया मिली थी। उधर ऑर्चिड कंपनी पर धोखाधड़ी के आरोप लगाने वाली माइक्रोटेक्निक फर्म ने संचालकों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है। इस सिलसिले में जल्द ही गृहमंत्री अनिल विज समेत पुलिस अधिकारियों को जरूरत पड़ने पर शिकायत भी दी जाएगी। पुलिस ने कंपनी के निदेशक नवीन चौहान, दानिश शर्मा, सुरेश गुप्ता व विजय शर्मा को धोखाधड़ी का आरोपी बनाया है।
जांच में घटिया मिली थीं पीपीई किट की क्वालिटी
दरअसल दिल्ली की मैसर्ज ऑर्चिड कॉरपोरेट सर्विसेज कंपनी ने माइक्रोटेक्निक फर्म को 30 हजार पीपीई किट तैयार करने का ऑर्डर दिया था। रेट तय होने के बाद फर्म ने पीपीई किट का निर्माण शुरू कर दिया था। 4800 किट का पहला ऑर्डर भी कंपनी को जारी कर दिया था। इसकी एवज में कंपनी ने माइक्रोटेक्निक को 35 लाख का भुगतान कर दिया था। हालांकि पहले ऑर्डर का भुगतान 45 लाख से ज्यादा था। आरोपियों ने दस लाख रुपये फर्म को ऑर्डर जारी होने के बावजूद नहीं दिए थे। हालांकि बाद में आरोपियों ने माइक्रोटेक्निक की बजाय किसी दूसरी कंपनी से पीपीई किट तैयार करवाकर स्वास्थ्य विभाग को सप्लाई कर दी थी। फर्म संचालकों का आरोप है कि ऑर्चिड कंपनी ने घटिया पीपीई किट विभाग को सप्लाई की थी। जबकि साजिश के तहत कंपनी ने किट पर उनकी फर्म के लोगों को इस्तेमाल किया था। फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद विभाग ने कंपनी का पूरा ऑर्डर कैंसिल कर मैसर्ज ऑर्चिड को ब्लैकलिस्ट कर दिया था।
1200 रुपये के हिसाब से होनी थी किट सप्लाई
यह 30 हजार किट स्वास्थ्य विभाग को 1200 रुपये प्रति किट के हिसाब से सप्लाई होनी थी। मैसर्ज ऑर्चिड को इसकी एवज में 3.60 करोड़ की पेमेंट होनी थी। हालांकि कंपनी की ओर से माइक्रोटेक्निक के साथ 770 रुपये प्रति किट का रेट तय हुआ था। आरोपियों ने मोटे लालच के चक्कर में विभाग को घटिया किट सप्लाई कर दी।
जब हमें मालूम हुआ कि मैसर्ज ऑर्चिड कॉरपोरेट सर्विसेज ने धोखे से हमारे नाम पर स्वास्थ्य विभाग को घटिया क्वालिटी की किट महंगे दाम पर सप्लाई की तभी हमने विभागीय अधिकारियों को घोटाले से अवगत करवाया था। शुरुआती जांच में ही बाद में सप्लाई की गई 25 हजार किट की क्वालिटी घटिया पाई गई थी। इसी वजह से विभाग ने ऑर्डर रिजेक्ट होने के बाद कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया ।
-विकास जैन, मालिक , मैसर्ज माइक्रोटेक्निक