फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई कर रही आरटीए टीम पर हमला, इंस्पेक्टर को बंधक बनाया

विज्ञापन
exclusive - फोटो : Ambala
विज्ञापन
अंबाला। ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए निकली आरटीए टीम पर इस बार करीब 50-60 लोगों ने वीरवार रात हमला बोल दिया। इस टीम की अगुवाई खुद एडीसी कम आरटीए सचिव प्रीति कर रही थी। हमलावरों के पास पेट्रोल के केन भी थी। वारदात के दौरान आरटीए के इंस्पेक्टर को भी आरोपियों ने बंधक बना लिया। जिन्हें रात को बलदेव नगर में छोड़ा गया। हादसे में एडीसी के गनमैन और चालक को चोटें आईं। इसके अलावा उन्होंने आरटीए की गाड़ी को घेरने के बाद डंडे और ईंटों से तोड़ दिया। हालांकि पेट्रोल से जलाने में वह कामयाब नहीं हो सके। पहले तो रात करीब 11 बजे तक पुलिस पंजाब और हरियाणा विवाद में उलझी रही लेकिन देर रात करीब साढ़े 11 बजे पंजोखरा थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। करीब 8 ट्रासंपोर्टर के नाम से और 50 अन्य लोगों के खिलाफ पंजोखरा थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम सुभाष सिहाग, डीएसपी रामकुमार अंबाला छावनी, डीएसपी सुलतान सिंह हेडक्वार्टर और डीसएपी नारायणगढ़ अनिल कुमार भी मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन

दोपहर से शुरू हुई कार्रवाई तो बनाया प्लान
एडीसी प्रीति ने बताया कि हमने दोपहर साढ़े 12 बजे ओवरलोड वाहनों के चालान काटने शुरू किए। कुछ वाहनों को पटवी थाना, कुछ को बलदेव नगर तो कुछ को पंजोखरा थाना में जब्त किया गया। इसी कड़ी में रात के समय जब उनकी टीम ओवरलोडिड वाहनों का पीछा कर रही थी तो पंजोखरा से आगे जैसे ही टीम पंजाब सीमा हंडेसरा के पास पहुंची तो तीन-चार ओवरलोड वाहन चालकों ने अपने वाहन पीछे लेना शुरू कर दिए। उनसे बचने के लिए आरटीए की गाड़ियों ने जैसे ही यूटर्न लिया तो आरटीए की बोलेरो 0018 नीचे खाद्दानों में गिर गई। जहां आरोपियों ने इसे जलाने का प्रयास किया और डंडों व ईंटों से तोड़ दिया।
करीब 12 गाड़ियां हमने इंपाउंड कर दी थी। इसी कार्रवाई के तहत हमने रात के समय गाड़ियों का पीछा किया तो कुछ गाड़ियों के चालकों ने गाड़ियों को पीछे लाना शुरू कर दिया। हमने यू टर्न किया तो हमारी एक गाड़ी नीचे गिर गई। 70 से ज्यादा आरोपी थे। उनके पास पेट्रोल के केन थे और डंडे व ईंटों ने उन्होंने हमारी गाड़ी तोड़ दी। दुख की बात है कि वहां जितने भी ट्रांसपोर्टर थे सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इतना ही नहीं इन लोगों ने यह तक कहा कि यदि आरटीए टीम कार्रवाई करती है तो इन्हें जान से मार दो।
विज्ञापन
विज्ञापन

- प्रीति, एडीसी एवं आरटीए सचिव।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें