अंबाला। अंबाला-दिल्ली हाईवे पर चल रहे ट्रैफिक थाने को चार साल बाद भी खुद की बिल्डिंग नहीं मिल पाई है। लंबे समय से थाने के लिए जगह तो देखी जा रही है। यह भी तय हो गया था कि आधुनिक सुविधाओं से लैस बिल्डिंग बनेगी। वाहनों के खड़े करने के लिए भी जगह होगी लेकिन यह प्रोजेक्ट महज कागजों में ही सिमट कर रह गया है। जो भी जगह देखी जाती है वो ट्रांसफर नहीं हो पाती और सहमति न बनने पर प्रक्रिया वहीं थम जाती है। यहीं कारण है कि ट्रैफिक थाने की बिल्डिंग बनने का काम सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। चार साल पहले इस थाने के निर्माण के लिए काकडू गांव में दो एकड़ जगह फाइनल हुई थी। जबकि डेढ़ साल पहले भी इस थाने के लिए मोहड़ा गांव में चौकी के पास ही खाली जगह को देखा गया था। जमीन ट्रांसफर के लिए प्रक्रिया चली थी। वो भी पंचायत की सहमति न बनने के कारण अभी सिरे नहीं चढ़ी।
मोहड़ा चौकी और ट्रैफिक थाना इस बिल्डिंग में चल रहे
मौजूदा समय में ट्रैफिक थाना मोहड़ा पुलिस चौकी में बना हुआ है। यहां लगभग 16 साल से किराये पर है। ऐसे में चौकी व थाने दोनों के लिए काफी जगह की कमी खलती है। पुलिस की ओर से जब्त किए गए वाहनों को हाईवे की सर्विस लेन तक भी खड़ा करना पड़ जाता है।
ट्रैफिक थाने के लिए अभी तक कोई जगह फाइनल नहीं हुई है। मोहड़ा गांव में भी जगह देखी गई थी वो भी फाइनल नहीं हो पाई है। यह मामला आलाधिकारियों के संज्ञान में है। अभी मोहड़ा चौकी के साथ ही थाना चल रहा है।
जोगिंद्र, थाना प्रभारी, ट्रैफिक अंबाला