चोरी के कैंटर का बदला था रंग, पंजाब में दबिश दे रही पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कालपी गांव में भैंस चोरी का विरोध करने पर जय दयाल की हत्या और एक बुजुर्ग को घायल करने की वारदात के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ मुख्य आरोपियों तक नहीं पहुंचे हैं। जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि चोरों ने वारदात के दौरान जिस कैंटर का इस्तेमाल किया था, उसका रंग चोरी करने से पहले ही बदल दिया गया था। पुलिस अब आरोपियों की धरपकड़ के लिए पंजाब के विभिन्न इलाकों में ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।
भैंस चोर गिरोह बेहद शातिर है। उन्होंने भागते समय जिस कैंटर को गांव में ही छोड़ दिया था, छानबीन में पता चला कि अपराधियों ने उसे नारायणगढ़ से दो माह पहले चोरी किया था। इस्तेमाल करने से पहले पेंट बदल लिया था ताकि पुलिस उसकी पहचान न कर सके। पुलिस अब अलग-अलग शहरों में भैंस चोरी की वारदातों का पता लगा रही है कि कहीं कैंटर में भैंस चोरी हुई है ताकि उस वारदात से कोई सुराग मिल सके।
12 को हुई थी वारदात
कालपी गांव में 12 मार्च की रात को भैंस चुराने के लिए 3 से 4 नकाबपोश बदमाशों ने डंडे व गंडासी से पहले एक पशुपालक जय दयाल की हत्या कर उसकी दो भैंसे चुरा ली। दूसरे बाड़े में चोरी करते पकड़े जाने पर बुजुर्ग राम रत्न पर एक के बाद एक 10 वार कर भाग गए। जैसे ही आरोपी कैंटर में दो भैंसे लेकर भाग रहे थे तो उनका कैंटर अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। रात के अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश कैंटर छोड़कर फरार हो गए थे।