संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सेंट्रल जेल से बंदी सुखबीर को फरार हुए 10 दिन बीतने के बावजूद भी पकड़ में नहीं आया है। समय बीतने के साथ-साथ बंदी को पकड़ना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। हालांकि इस मामले में जेल प्रशासन व इलाका पुलिस अपने-अपने स्तर पर गहनता से जांच कर रहे हैं। सेंट्रल जेल के अलावा इलाका पुलिस ने जेल के बाहर आने-जाने वाले सभी मुख्य रास्तों पर लगे करीब 50 सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला है लेकिन आरोपी का कोई ठोस सुराग नहीं लगा।
बंदी के पास फोन भी न होने के कारण साइबर सैल की भी मदद नहीं मिल पा रही है। पंचकूला के चंडी मंदिर थाना पुलिस की मदद से भी आरोपी सुखबीर के नाडा साहिब के पास झुग्गी झोपड़ी वाले घर में दबिश दी जा रही है व परिजनों से भी जानकारी लेने के बाद कोई मदद नहीं मिल रही। ऐसे में जेल की सुरक्षा पर सवाल के साथ-साथ पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि एक बंदी फरार होने के 10 दिन बाद भी काबू नहीं हो सका।
स्वतंत्रता दिवस से दो दिन पहले भाग गया था बंदी
बंदी सुखबीर पंचकूला में पार्क के बाद युवतियों को अश्लील इशारे करने के आरोप में अंबाला सेंट्रल जेल में 11 अगस्त को आया था। 13 अगस्त को बंदियों की गिनती बंद होने के समय सुखबीर नहीं मिला, तभी बंदी पुलिस की टीम को चमका देकर फरार हो गया था इस मामले में जेल प्रशासन ने ड्यूटी स्टाफ से दो को सस्पेंड कर दिया था, जबकि एक एएसआई से स्पष्टीकरण भी मांगा था।
पुलिस व सीआईए की टीमें बंदी की तलाश में जुटी हुई है। अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है।
- मुकेश, कार्यवाहक थाना प्रभारी बलदेव नगर थाना