अंबाला सिटी। महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सान्निध्य में श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार की ओर से आयोजित पांच दिवसीय दिव्य गीता सत्संग के समापन हो गया।
31 दिसंबर रात्रि नाै से 12 बजे तक भजन संध्या में श्रद्धालु भक्तिमय होकर खूब झूमे। ठाकुर श्री बांके बिहारी लाल एवं लाडली सरकार मां राधा जू के भजन भाव के साथ नव वर्ष 2025 में प्रवेश के ध्येय के साथ आयोजित भजन संध्या में जहां एक ओर भजन गायक महावीर शर्मा ने अपने भजनों से श्रद्धालुओं को सराबोर किया। भजनोपदेशक बाबा चित्र, विचित्र ने भी अपने भजनों एवं रचनाओं के माध्यम से 2025 में प्रवेश की बेला को मंगलमय बना दिया।
सतगुरु तेरे पर बलिहारी जाऊं
सत्संग में बाबा चित्र, विचित्र ने गुरु वंदना में गाए सतगुरु तेरे पर बलिहारी जाऊं भजन से शुरुआत करते हुए करुणामयी कृपामयी मेरी दयामई राधे की धुन के साथ लिख दी ये जिंदगी तेरे नाम ओ बांके बिहारी और नाम मेरी राधा रानी का जिस-जिस ने गाया है आदि एक के बाद एक सुंदर भजन प्रस्तुत कर वातावरण को कृष्णमय बना दिया।
उधर, महावीर शर्मा के छलिया से नजर मिला बैठी ये मैं जानू या वो जाने भजन पर श्रद्धालु झूमते दिखाई दिए। महावीर शर्मा ने ठाकुर श्री बांके बिहारी लाल की वंदना में गाए गए मनमोहक भजनों से वास्तव में अंबाला नगरी कन्हैया के रंग में रंगी दिखाई दी। महावीर शर्मा के ही भजन कजरारे नैना ने जादू कर डाला एवं नी मैं नचणा श्याम दे नाल अज्ज मैनू नच लेण दे... भजन पर श्रद्धालु जमकर झूमे।
इस मौके पर जीओ गीता की ओर से चेयरमैन दिनेश ग्रोवर, संयोजक अशोक चावला, प्रधान रविंद्र चोपड़ा, राजू चावला, मनोहर लाल सचदेवा, प्रमोद वालिया एवं अजय चावला ने 5 दिवसीय दिव्य गीता सत्संग में किसी न किसी रूप में सेवा करने वाले प्रत्येक सहयोगी सहित तमाम श्रद्धालुओं को आभार ज्ञापित किया। कैलेंडर वर्ष 2025 में प्रवेश को लेकर जीओ गीता की ओर से आयोजित भजन संध्या में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज के साथ मंच पर पटियाला से पधारे बाबा भूपेंद्र सिंह महाराज की उपस्थिति भी रही।
इस अवसर पर विजय नरूला, हैप्पी चावला, मनमोहन कपूर, केवल चावला, रमेश गांधी, टीटू कथूरिया, एसके मदान, जगदीश सचदेवा, अनिल गर्ग, महेश गर्ग व अन्य मौजूद रहे।
-श्री कृष्ण कृपा के भाव का आनंद लें : स्वामी ज्ञानानंद
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि वर्ष 2024 विदाई ले रहा है और 2025 आरंभ हो रहा है। पल-पल करते 2024 पूरा वर्ष कैसे निकल गया पता ही नहीं चला। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 31 दिसंबर के आयोजन का अवसर जीओ गीता अंबाला को मिला। गीता मनीषी ने कहा कि अंबाला उनका गुरु स्थान है और उन्हें जो कुछ भी मिला है उनके गुरुदेव वीर जी महाराज की कृपा से ही मिला है।
उन्होंने कहा कि वैसे तो वह अपना नया वर्ष नव संवत को ही मानते हैं, लेकिन अगर पूरा विश्व कैलेंडर वर्ष को नव वर्ष के रूप में मनाता है तो हमें शुभ ढंग से ही इस नव वर्ष में प्रवेश करना है। गीता मनीषी ने कहा कि नव वर्ष को मनाने का हर किसी का अपना तरीका है लेकिन जीओ गीता परिवार में प्रत्येक नव वर्ष को कन्हैया के भाव के साथ मनाने की परंपरा है।
उन्होंने कहा कि अगर मस्ती में झूमना है तो कृष्ण नाम की मस्ती सर्वोत्तम है और अगर नाचना ही है तो कन्हैया संग नाचना ही सर्वोत्तम है। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने 2025 में श्री कृष्ण कृपा के भाव का आनंद उठाते रहने की बात कहते हुए नव वर्ष के प्रारंभ की सभी को शुभकामनाएं दी।
पांच दिवसीय दिव्य गीता सत्संग के समापन पर महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज। जीओ