अंबाला सिटी। बाजारों और काॅलोनियों में अतिक्रमण के कारण परेशानी हो रही है। शहर की कपड़ा मार्केट, शुक्लकुंड रोड, पटेल रोड, पुरानी दिल्ली रोड और सेक्टरों में भी अतिक्रमण किया है। सेक्टरों में ग्रीन बेल्ट पर भी अतिक्रमण कर लिया है।
नगर निगम और एचएसवीपी की ओर से अतिक्रमण हटाया जाता है, मगर फिर से लोग अतिक्रमण कर लेते हैं। कई जगह अस्थाई और कई जगह स्थाई अतिक्रमण किया गया है। कपड़ा मार्केट में तो वाहन बीच सड़क पर ही खड़े रहते हैं। रविवार को भी बीच सड़क पर मोटरसाइकिल खड़े रहे। यहां पार्किंग भी चल रही है, मगर इसके बाद भी वाहन सड़क के बीच में खड़े रहते हैं। यहां रेहड़ी-फड़ी से भी अतिक्रमण बढ़ रहा है।
सेक्टरों में पहले हटाया था अतिक्रमण
शहर के सेक्टरों में कुछ माह पहले एचएसवीपी की ओर से अतिक्रमण हटाया था, मगर अब फिर मार्केट में अतिक्रमण कर लिया। यही नहीं पैदल चलने के लिए बनाए पथ पर थड़े बनाए हैं और शहर की कॉलोनी में भी नालों पर अतिक्रमण किया है। अतिक्रमण होने से नालों की सफाई के दौरान भी दिक्कत आ रही है।
कोट्स
नगर निगम की ओर से शहर में अतिक्रमण पर कार्रवाई की जरूरत है। इस वजह से लोगों को आवाजाही में दिक्कत आती है। इसी कारण चौड़े रास्ते भी छोटे हो गए हैं।
राकेश मक्कड़, स्थानीय निवासी।
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शहर में ज्यादातर जगहों पर अतिक्रमण किया गया है। इस वजह से लोगों को आने-जाने में दिक्कत आती है। कई जगह में तो मार्केट में पैदल चलने की भी जगह नहीं है।
अशोक गोयल, स्थानीय निवासी।
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कोट्स
शहर से अतिक्रमण हटना चाहिए। कई बाजारों में दुकानदार दुकानों के बाहर वाहन खड़ा कर देते हैं। जिससे रास्ता बंद हो जाता है। सड़क का दायरा खुला होना चाहिए। निगम को रेहड़ी वालों को भी एक जगह चिन्हित कर देनी चाहिए ताकि उनका रोजगार खराब न हो।
सुरेंद्र मोहन शर्मा, स्थानीय निवासी।
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वर्जन
शहर में जहां से भी अतिक्रमण हटाने के लिए शिकायत आई थी। वहां अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई की गई है। बाजारों से अतिक्रमण हटाने के लिए अभी कोई निर्देश नहीं है।
अदिति, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।
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वर्जन
पूरे शहर में नालों की सफाई करवाई जा रही है। कई जगहों पर नालों पर लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है। लोगों को खुद ही अतिक्रमण हटा लेना चाहिए ताकि बरसाती सीजन में उनको दिक्कत न झेलनी पड़े।
सैलजा सचदेवा, मेयर, नगर निगम।
नगर निगम संयुक्त आयुक्त अदिति। फाइल फोटो
नगर निगम संयुक्त आयुक्त अदिति। फाइल फोटो
नगर निगम संयुक्त आयुक्त अदिति। फाइल फोटो