अंबाला छावनी में 12 क्रॉस रोड बिजली कार्यालय परिसर में प्रदर्शन करते कर्मचारी। संवाद
अंबाला। प्रदेश में बिजली निगमों के निजीकरण की आहट और लंबित मांगों के लिए बिजली कर्मचारियों का रोष लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को केंद्रीय परिषद संबंधित एचएसईबी वर्कर यूनियन के आह्वान पर अंबाला कैंट डिवीजन कार्यालय में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक चले इस विरोध प्रदर्शन में कर्मचारियों ने सरकार और निगम प्रबंधन की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सर्कल सचिव और यूनिट प्रधान सतबीर देशवाल ने कहा कि सरकार सुविधा के नाम पर अलग निगम बनाकर बिजली विभाग का निजीकरण करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सब्सिडी वाले कृषि कनेक्शनों को अलग निगम में जोड़कर पहले लाभ वाले निगमों को बेचने की पटकथा लिखी जा रही है। इससे कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी अपनी मांगों और नौकरी की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
केंद्रीय परिषद के उप-प्रधान राज कुमार सेहला ने कहा कि आज का प्रदर्शन महज एक शुरुआत है। आंदोलन का मुख्य पड़ाव 2 जुलाई को होगा, जब पूरे प्रदेश के बिजली कर्मचारी अंबाला में एकत्रित होकर बिजली मंत्री के आवास का घेराव करेंगे। यूनियन ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए मांग की है कि 2 जुलाई के कार्यक्रम के लिए इंदिरा पार्क में साफ-सफाई, पोर्टेबल टॉयलेट और सुचारु ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार और निगम प्रशासन की होगी।