अंबाला। छावनी नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए दो भागों में बांटने की व्यवस्था कारगर साबित हो रही है। पथरी के दर्द, कुत्तों के काटने के इंजेक्शन सामान्य मरीजों के लिए इमरजेंसी के रजिस्ट्रेशन काउंटर के साथ ही ब्लॉक तैयार कर दिया है।
इसमें दो बेड के अलावा उपचार का पूरा सामान है और साथ ही एक नर्सिंग ऑफिसर भी तैनात कर दी गई है। जो आने वाले मरीजों की जांच के बाद उनकी रजिस्ट्रेशन में एंट्री करेगी और उपचार देगी। कोई हादसे या फिर मारपीट में गंभीर रूप से घायल होकर मरीज आता है तो उसे ही मुख्य इमरजेंसी के भीतर भेजा जाता है। ऐसे में माइनर ओटी में प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे डॉक्टर की सलाह पर वार्ड में दाखिल कर लिया जाता है।
इस व्यवस्था के बनने के बाद इमरजेंसी में लगने वाली बिना वजह की मरीजों व तीमारदारों की भीड़ में भी इजाफा हुआ है। सामान्य मरीज बाहर से बाहर चले जाते हैं और गंभीर मरीज ही वार्ड में रहते हैं। बता दें कि छावनी नागरिक अस्पताल में अंबाला के अलावा कुरुक्षेत्र, यमुनानगर आदि शहरों से भी मरीज रेफर होकर आते हैं। इमरजेंसी में अक्सर पथरी आदि के सामान्य मरीजों के साथ गंभीर मरीजों की भी संख्या ज्यादा रहती है।
इसको लेकर इमरजेंसी की व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाती थी। कई बार तो सामान्य मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को बाहर करते थे तो लड़ाई-झगड़ा तक हो जाता था। हालांकि सिक्योरिटी गार्ड भी तैनात है लेकिन फिर भी कई बार झगड़े हो चुके हैं। ऐसे में अब उस परेशानी से भी छुटकारा मिला है।
नर्सिंग ऑफिसर बढ़ने से बढ़ेगी सुविधा
इमरजेंसी में पहले नर्सिंग ऑफिसर की संख्या सुबह के समय 3 तो दोपहर व रात को दो-दो होती थी। ऐसे में अब सुबह व दोपहर के समय 4 तो कभी 5 होती है। रात के समय 3 हो जाती है। इससे भी मरीजों को काफी राहत मिली है। जबकि नर्सिंग ऑफिसर का काम भी बंट गया है। एक नर्सिंग ऑफिसर की ड्यूटी इमरजेंसी में गंभीर मरीजों के लिए तो दूसरी की बाहर। इसी तरह एक इमरजेंसी के भीतर वार्ड की ड्यूटी संभालती है तो चौथी माइनर ओटी।
वर्जन
मरीजों की सहूलियत को लिए यह कदम उठाया गया है। इमरजेंसी को दो पार्ट में बांटने से काफी राहत मिली है।
डॉ. राकेश सहल, सीएमओ, छावनी नागरिक अस्पताल।