प्रदेश सरकार द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों को दी जाने वाली सम्मान
पेंशन में घपला सामने आया है। इसी को लेकर अब सरकार ने इस संबंध में सम्मान
पेंशन पाने वालों को शपथ पत्र देने को कहा है।
इस मामले में अंबाला में भी
हड़कंप है। सरकार ने करीब दो दर्जन स्वतंत्रता सेनानियों की सम्मान पेंशन
भी रोक दी है, क्योंकि इनके बारे में कुछ जानकारी नहीं है कि वे जीवित हैं
या मृत। राज्य सरकार द्वारा हरियाणा के स्वतंत्रता सेनानियों/ उनकी
पत्नियों, अविवाहित बेरोजगार तथा अपंग लड़कियों और लड़कों को सम्मान पेंशन
के अलावा अन्य सुविधाएं दी जाती हैं।
यह भुगतान बैंक के माध्यम से किया
जाता है। कई बैंक खाते ऐसे हैं, जो संयुक्त हैं और उनको एटीएम भी जारी किया
गया है। इसी को लेकर प्रदेश में घपला सामने आया है, जिसमें स्वतंत्रता
सेनानी की मृत्यु के बाद भी यह राशि निकाली गई है। इसी को लेकर अब सरकार ने
सख्ती करनी शुरू कर दी है।
इस संबंध में सभी स्वतंत्रता सेनानियों अथवा
अन्य से, जो यह सम्मान पेंशन हासिल कर रहे हैं, शपथ पत्र मांगे हैं। शपथ
में पेंशन हासिल करने वालों को दो सरकारी कर्मचारियों को बतौर गवाह विवरण
देना होगा। ये शपथ पत्र कोषपाल पुण्य अक्षय निधि हरियाणा, मनीमाजरा चंडीगढ़
को भेजने होंगे।
अंबाला में है हड़कंप
अंबाला में यह सम्मान पेंशन
हासिल करने वालों की संख्या 51 है, जिनमें आठ स्वतंत्रता सेनानी और 43 अन्य
हैं। प्रदेश भर में यह सम्मान पेंशन हासिल करने वालों की संख्या 853 है।
अंबाला में अब पेंशन हासिल करने वालों में हड़कंप है, क्योंकि शपथ पत्र
देने के लिए उनको गवाह तक नहीं मिल रहे हैं। सरकारी कर्मचारी इस मामले में
बतौर गवाह बनने को तैयार नहीं हैं। यदि यह शपथ पत्र नहीं दिया जाता, तो यह
पेंशन रोकी जा सकती है। इसी को लेकर पेंशन हासिल करने वाले भटक रहे हैं।
दो दर्जन स्वतंत्रता सेनानियों की जानकारी नहीं
प्रदेश
में करीब दो दर्जन ऐसे स्वतंत्रता सेनानी हैं, जिनके बारे में कोई जानकारी
नहीं है। ये जीवित हैं या नहीं, कुछ पता नहीं और न ही इनके परिवार से कोई
जानकारी मिली है। हर साल कोषपाल पुण्य अक्षय निधि लाइफ सर्टिफिकेट मंगवाता
है, लेकिन कुछ साल से इन स्वतंत्रता सेनानियों की ओर से कोई जानकारी ही
नहीं है। ऐसे में इनकी पेंशन भी रोक दी गई है। विभाग इनके एड्रेस पर जाकर
जानकारी हासिल कर रहा है।
छह करोड़ की हो चुकी है रिकवरी
पिछले
कई साल के दौरान कोषपाल पुण्य अक्षय निधि विभाग ने करीब छह करोड़ रुपये की
रिकवरी की है। यह वे पैसे हैं जो स्वतंत्रता सेनानी या अन्य (जो सम्मान
पेंशन के हकदार थे) की मृत्यु के बाद भी बैंकों से राशि निकलवाते रहे। इसी
को लेकर विभाग ने अब अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है।