अंबाला छावनी स्थित सब डिविजन नंबर एक पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी। संवाद
अंबाला। निलंबित लिपिक की बहाली तो दूर उसे चार्जशीट कर दिया गया। बिजली निगम प्रबंधन के इस रवैये से प्रत्येक कर्मचारी में रोष है। एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के यूनिट प्रधान सतबीर देसवाल ने यह बात धरना प्रदर्शन के दौरान साथी कर्मचारियों से कही। उन्होंने बताया कि मंगलवार को अंबाला कैंट की सभी सब यूनिटों पर 2 घंटे का और सब डिवीजन नंबर 2 में तीन घंटे तक धरना-प्रदर्शन करके नारेबाजी की गई।
यूनिट प्रधान ने निगम अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, गुरविंदर लिपिक को निगम अधिकारियों द्वारा पहले बिना जांच के निलंबित कर दिया और फिर जांच के दौरान गुरविंदर को चार्जशीट किया गया। एक कर्मचारी पर दो-दो विभागीय कार्रवाई कर दी गई है, लेकिन गुरविंदर को अभी तक बहाल नहीं किया गया है, जबकि नियम के नियमानुसार अगर किसी निलंबित कर्मचारी को चार्जशीट किया जाता है तो उसे लंबित जांच के आधार पर बहाल कर दिया जाता है। यूनियन के विरोध प्रदर्शन की एक ही मांग है कि गुरविंदर को बहाल किया जाए।
आंदोलन उग्र करने की चेतावनी
निगम प्रशासन के अधिकारी निगम के नियमों की भी अवहेलना कर रहे है और कर्मचारी को बहाल न करके यूनियन से भी गतिरोध बड़ा रहे है। यूनिट प्रधान सतबीर देसवाल ने कहा कि इस कारण आम उपभोक्ता को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। यूनियन से भी किसी भी तरह की बातचीत करने के लिए निगम अधिकारी तैयार नहीं हैं। अधिकारियों के इस उदासीन रवैये से कर्मचारियों में रोष है और अगर जल्द ही गुरविंदर को बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन उग्र होगा और जल्द ही यह एक बड़ा रूप ले सकता है।
कार्यकारी अभियंता ने की मंत्रणा
नंबर 1 में चल रहे धरना प्रदर्शन के बीच में कार्यकारी अभियंता अंबाला कैंट कर्मचारियों के बीच आए और कर्मचारियों से उनकी मांग पूछी। यूनिट सचिव सोनू यादव ने कहा कि यूनियन की एक ही मांग है, गुरविंदर लिपिक को तुरंत प्रभाव से बहाल किया जाए और जितने दिन से साथी निलंबित है, उसको ड्यूटी पर माना जाए। कार्यकारी अभियंता ने पूरे सकारात्मक रवैये से बात सुनी और मांग को पूरा करने के लिए आश्वासन दिया।