फिजा में उमस बढ़ने से लोग परेशान हैं और उस पर बिजली महकमे के अघोषित कटों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। इसी को लेकर पिछले दिनों महेशनगर इलाके की कई कॉलोनियों के लोगों ने जहां नेशनल हाईवे जाम कर आधी रात तक हंगामा किया था। अब ग्रामीणों का भी सब्र टूटने लगा है। अंबाला सिटी विधानसभा के 11 गांवों के लोग बिजली कटों से आजिज आ चुके हैं, वहीं बराड़ा इलाके के ग्रामीण भी अघोषित बिजली कटों से काफी परेशान है। इसी को लेकर शुक्रवार को गांव उगाड़ा के लोगों ने कैंट में बिजली निगम के एक्सईएन कार्यालय पर हंगामा किया, वहीं बराड़ा के उगाला पावर हाउस पर भी ग्रामीणों ने पहुंचकर वहां ताला जड़ दिया। इतना ही नहीं जेई व अन्य बिजली कर्मियों को भी प्रदर्शनकारियों ने अपने साथ धूप में ही खड़ा कर दिया।
एसडीओ का घेराव, एक्सईएन दफ्तर पर नारेबाजी
सिटी के 11 गांवों को शहरी फीडर से ग्रामीण माजरी फीडर पर ट्रांसफर करने का मामला तूल पकड़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस वजह से उनके गांवों में अघोषित कट ज्यादा बढ़ गए हैं और इसे वे बरदाश्त नहीं कर सकते। उनके गांवों में दिन में केवल तीन से चार घंटे तक लाइट आ रही है। जब बिजली आती है तो वोल्टेज इतना कम रहता है कि वे अपने ट्यूबवेल तक नहीं चला पाते। इस वजह से उनके गांवों में घरेलू से लेकर कृषि कार्यों तक में खासी परेशानी आ रही है। ग्रामीणों के अनुसार ये स्थिति गांव उगाड़ा, बाड़ा, ठरवा, माजरी, धुराली, बाबाहेड़ी, कोटकछुआ, लखनौर साहिब, बिचपड़ी व ललाना गांव में बनी हुई है।
इसी से खफा उगाड़ा गांव के लोग शुक्रवार सुबह अंबाला कैंट पहुंच गए और वहां एक्सईएन से मिलने की जिद पर अड़ गए। लेकिन वहां उन्हें बताया गया कि एक्सईएन तो अभी उनके आने से पहले ही मीटिंग के लिए निकल गए हैं। उसके बाद ग्रामीण वहां मौजूद एसडीओ कार्यालय में पहुुंचे और एसडीओ का घेराव करते हुए अपनी आपबीती सुनाई।
इस अवसर पर विमल, रीना रानी, परमजीत कौर, विक्रम सिंह, निर्मल सिंह, जसविंद्र सिंह, राकेश कुमार, सोहन सिंह, विशला कुमार, नराता राज, जयराम, धर्मपाल, पवन कुमार, सतवंत, पृथ्वी सिंह, रंधीर सिंह, बलविंद्र सिंह, अजय कुमार, विजय कमार, राजिंद्र कुमार, अमरजीत सिंह , मेहर चंद, सुखबीर, बनारसी दास, शेरसिंह, अवतार सिंह, करनैल सिंह, प्रीतपाल, संजय, बलजीत सिंह ने बताया कि पहले उनके गांव समेत अन्य गांवों की सप्लाई अंबाला कैंट के शहरी फीडर से होती थी, तब बिजली सप्लाई बहुत अच्छी थी।
लेकिन अब पिछले कुछ समय से सप्लाई को ग्रामीण माजरी फीडर से जोड़ दिया गया है। इस वजह से उनके समेत अन्य गांवों में बिजली के हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं। वे लोग अपनी समस्या की शिकायत बिजली घरों में करते हैं, लेकिन उन्हें हर बार फाल्ट ठीक करने की बात कहकर टाल दिया जाता है। उनके अनुसार ग्रामीण बिजली कटों से इतने ज्यादा दुखी आ गए हैं कि उन्हें शुक्रवार को मजबूरन एक्सईएन कार्यालय में प्रदर्शन करना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि इसी वजह से गांव में जबरदस्त जल संकट भी बन गया है।
उधर, एसडीओ से ग्रामीणों ने मांग की कि उनके गांव को दोबारा शहरी फीडर पर लिया जाए। लेकिन एसडीओ ने ग्रामीणों ने मौके पर आकर स्थिति देखने की बात कही। लेकिन ग्रामीणों की जिद पर उनकी बात एक्सईएन से करवाई गई। एक्सईएन ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनके गांव की बिजली सप्लाई पहले की तरह सुचारु कर दी जाएगी। उसके बाद शांत होकर ग्रामीण लौटे।
पावर हाउस पर जड़ा ताला, जेई को अपने साथ धूप में बिठाया
बराड़ा/मुलाना। बिजली के अघोषित व लंबे कटों से परेशान उगाला गांव के लोगों ने उगाला पावर हाउस पर जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। ग्रामीण पहले तो पावर हाउस पर एकत्रित होकर हंगामा करते रहे। लेकिन दोपहर को ग्रामीणों ने पावर हाउस पर ताला जड़ दिया। इतना ही नहीं वहां मौजूद एक जेई व अन्य बिजली कर्मियों को भी ग्रामीणों ने वहीं अपने साथ धूप में ही बिठा लिया और आला अफसरों को मौके पर बुलवाने की जिद पकड़ ली।
रोष प्रदर्शन में सरपंच मोहन, नरेन्द्र फौजी, नेत्र पाल राणा व शेर सिंह आदि मौजूद रहे। सूचना मिलते ही बराड़ा थाना प्रभारी कमल जीत अपने दल बल सहित मौके पर पहुंच गए। उधर, जेई ने अपने आला अफसरों को भी स्थिति से अवगत करवा दिया। इसके चलते करीबन दो घंटे बाद एसडीओ अधोया, एसएसई संजीव मेहला व एक्सईन अमोलक सिहं मौके पर पहुंच गए।
अफसरों ने गुस्साए लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग गांवों में बिजली सप्लाई के घंटे बढ़ाने की जिद पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने कहा कि जब गांव की जमीन में जब पावर हाउस लगा था, तब गांव उगाला में में चौबीस घंटे बिजली दिए जाने की बात कही गई थी, लेकिन अब शेड्यूल के अनुसार भी बिजली नहीं मिल रही है। इस कारण गांव में पीने का पानी का संकट भी पैदा हो रहा है। गांव के रहने वाले नेत्र पाल राणा, सुरेश कुमार जैन, महेगा सिंह, शेर सिहं राणा, नेत्र पाल राणा, जसबीर सिंह, रविंद्र कुमार, प्यार सिंह, जगत सिंह, हरसन शर्मा व सिमरण जीत सिंह ने बताया कि गांव उगाला में बिजली की सप्लाई दिन में दी जा रही है जबकि आसपास गांव मेें बिजली की सप्लाई उगाला से ज्यादा दी जाती है। लोगों ने बिजली सप्लाई बढ़ा जाने की मांग पर अड़े रहे। मौके पर पहुंचे अफसरों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया कि शेड्यूल से अधिक बिजली देना उनके बस में नहीं है। लेकिन ग्रामीण अपनी जिद पर अड़े रहे।
काफी देर तक ग्रामीणों व अफसरों में यही बहस चलती रही। अंतत: शाम चार बजे नायब तहसीलदार दर्पण सिंह कंबोज मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद बिजली अफसरों को ग्रामीणों की समस्या व मांग के बारे में आला अफसरों से बातचीत करने के निर्देश दिए। इस पर जब बिजली अफसरों ने अपने आला अफसरों से बात की तो उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर सकारात्मक विचार करते हुए समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि उनकी बिजली सप्लाई शेड्यूल से दो घंटे और दी जाएगी। उसके बाद जाकर ग्रामीण शांत हुए और पावर हाउस पर जड़े ताले को खोला गया।